8 महीने में दूसरी बार कामाख्या मंदिर पहुंचे कोच गौतम गंभीर, इंग्लैंड दौरे से पहले क्या इस मान्यता को पूरा किया?

Gautam Gambhir Visits Kamakhya Temple: पांच टेस्ट मैचों की इंग्लैंड सीरीज से पहले भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर ने गुवाहाटी के मां कामाख्या मंदिर में दर्शन किए. इससे पहले वो सितंबर 2024 में कोच बनने के बाद भी यहां दर्शन करने पहुंचे थे.

Gautam Gambhir Visits Kamakhya Temple: इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने सोमवार को गुवाहाटी स्थित मां कामाख्या मंदिर में पूजा-अर्चना की. कामाख्या मंदिर गुवाहाटी से करीब 7 किमी दूर नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित देश के प्रमुख शक्ति पीठों में से एक है. गंभीर इससे पहले भी सितंबर 2024 में भारत का हेड कोच बनने के दो महीने बाद इस मंदिर में दर्शन करने आए थे. भारत के इंग्लैंड टूर की घोषणा से पहले मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर में भी दर्शन के लिए गए थे. हालांकि गौतम गंभीर के मां कामाख्या के दर्शन के पीछे उनकी मान्यता भी हो सकती है.   

भारत और इंग्लैंड के बीच यह टेस्ट सीरीज जून से अगस्त 2025 तक इंग्लैंड में खेली जाएगी. भारत और इंग्लैंड की 2025-2027 आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत भी इसी सीरीज से होगी. उससे पहले गंभीर ने कामाख्या मंदिर में पूजा अर्चना की. कामाख्या मंदिर से जुड़ी एक प्रसिद्ध मान्यता है कि जो भक्त यहां तीन बार दर्शन करते हैं, उन्हें सांसारिक बंधनों से मुक्ति प्राप्त होती है. अब गौतम गंभीर दूसरी बार यहां पहुंचे हैं. यह मंदिर खास तौर पर तंत्र साधना और रहस्यमयी विद्याओं के लिए जाना जाता है, जिस कारण यहां देश-विदेश से साधु-संत, तांत्रिक और अघोरी पहुंचते हैं. 

कामाख्या मंदिर 52 शक्तिपीठों में शामिल है और इसे तांत्रिकों का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यह असम की राजधानी दिसपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर नीलांचल पहाड़ियों पर स्थित है. इस मंदिर की एक विशेषता यह है कि यहां देवी की कोई मूर्ति या चित्र स्थापित नहीं है. यहां देवी की योनि की पूजा की जाती है, जिसे एक प्राकृतिक कुंड के रूप में पूजा जाता है. यह कुंड सदैव फूलों से ढका रहता है. मान्यता है कि देवी यहां अब भी रजस्वला होती हैं, और इसी दौरान हर साल अंबुबाची मेले का आयोजन होता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं. 

वहीं भारत इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैच की शुरुआत हेडिंग्ले (लीड्स) में 20 जून से होने वाले मैच से होगी. इसके बाद के मैच एजबेस्टन (बर्मिंघम), लॉर्ड्स (लंदन), ओल्ड ट्रैफर्ड (मैनचेस्टर) और द ओवल (लंदन) में होंगे. यह भारत की पहली द्विपक्षीय टेस्ट सीरीज होगी, क्योंकि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने इसी महीने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की है. शनिवार को बीसीसीआई ने सीरीज के लिए भारतीय टेस्ट टीम की घोषणा की, जिसमें शुभमन गिल को नया टेस्ट कप्तान और विकेटकीपर-बल्लेबाज़ ऋषभ पंत को उपकप्तान नियुक्त किया गया है. 

टीम में अनुभवी घरेलू बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन को भी शामिल किया गया है, जिन्होंने बंगाल के लिए 101 फर्स्ट क्लास मैचों में 48.87 की औसत से 7674 रन बनाए हैं, जिसमें 27 शतक और 29 अर्धशतक शामिल हैं. हालांकि, ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वे सिर्फ 36 रन ही बना सके थे. कोहली के संन्यास के बाद मिडिल ऑर्डर में साई सुदर्शन और करुण नायर जैसे युवा और भरोसेमंद बल्लेबाजों को मौका दिया गया है. गेंदबाज़ी विभाग की अगुवाई इंग्लैंड की धरती पर जसप्रीत बुमराह करेंगे. उनके साथ मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह और शार्दुल ठाकुर टीम में शामिल हैं.

इंग्लैंड सीरीज के लिए भारत की टेस्ट टीम

शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (उपकप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, अभिमन्यु ईश्वरन, करुण नायर, नितीश रेड्डी, रवींद्र जडेजा, ध्रुव जुरेल, वाशिंगटन सुंदर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, आकाश दीप, अर्शदीप सिंह और कुलदीप यादव.

IPL 2025 में चोटिल हुआ ये खिलाड़ी, अब पाक-बांग्लादेश सीरीज का नहीं बन पाएगा हिस्सा 

GT की लगातार 2 हार से दिलचस्प हुआ प्लेऑफ, RCB, MI और PBKS के लिए टॉप पर पहुंचने का ये है रास्ता

वेस्टइंडीज को मिला दूसरा क्रिस गेल, ला रहा चौकों-छक्कों का बवंडर, सात मैचों में जड़ी तीसरा शतक

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >