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Australia Cricket Downfall: टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में ऑस्ट्रेलिया का सफर बेहद शर्मनाक तरीके से खत्म हो गया है. 13 फरवरी को जिम्बाब्वे से हारने के बाद, 16 फरवरी को श्रीलंका ने भी कंगारुओं को 8 विकेट से धूल चटा दी. इस करारी हार के बाद जिम्बाब्वे और आयरलैंड का मुकाबला रद्द हुआ जिससे ऑस्ट्रेलिया आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से बाहर हो गया.
बता दे यह वही टीम है जिसने दशकों तक क्रिकेट की दुनिया पर एकतरफा राज किया, लेकिन अब यह टीम जिम्बाब्वे और श्रीलंका से भी नहीं जीत पा रही है. आइए जानते हैं ऑस्ट्रेलिया के अर्श से फर्श तक पहुंचने की कहानी.
ऑस्ट्रेलिया का सुनहरा दौर
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का असली गोल्डन पीरियड 1999 से 2007 के बीच माना जाता है. स्टीव वॉ (Steve Waugh) और रिकी पोंटिंग (Ricky Ponting) की कप्तानी में इस टीम ने वो मुकाम हासिल किया जो शायद ही कोई और टीम कर पाए. इस दौर में ऑस्ट्रेलिया ने लगातार तीन वनडे वर्ल्ड कप (1999, 2003, 2007) अपने नाम किए. उनके पास मैथ्यू हेडन, एडम गिलक्रिस्ट, ग्लेन मैकग्रा और शेन वॉर्न जैसे खिलाड़ी थे, जो अकेले दम पर मैच पलट देते थे. उस समय ऑस्ट्रेलिया को हराना लगभग नामुमकिन माना जाता था.
रिकी पोंटिंग के जाते ही लड़खड़ा गई टीम
रिकी पोंटिंग ने जब कप्तानी छोड़ी और संन्यास लिया, तो ऑस्ट्रेलिया के पतन की शुरुआत हो गई. टीम का वह आक्रामक रवैया और जीतने की भूख धीरे-धीरे कम होने लगी. पोंटिंग के जाने के बाद टीम में वो अनुशासन नहीं दिखा, जिसके लिए कंगारू जाने जाते थे. नए खिलाड़ी आए जरूर, लेकिन वे उस विरासत को संभालने में नाकाम रहे जो पोंटिंग और उनकी सेना ने तैयार की थी.
क्लार्क, स्मिथ और वॉर्नर नहीं कर सके करिश्मा
पोंटिंग के बाद कमान माइकल क्लार्क, स्टीव स्मिथ और डेविड वॉर्नर जैसे दिग्गजों के हाथ में आई. क्लार्क ने 2015 का वर्ल्ड कप जरूर जिताया, लेकिन टीम में निरंतरता की कमी साफ दिखने लगी थी. स्टीव स्मिथ और वॉर्नर के दौर में विवाद ज्यादा रहे और खेल का स्तर गिरता गया. सैंडपेपर गेट कांड ने तो ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट की साख को पूरी तरह मिट्टी में मिला दिया था. कप्तानी के म्यूजिकल चेयर गेम ने टीम को कभी सेटल नहीं होने दिया.
कमिंस ने दी थी उम्मीद, जीता था 2023 वर्ल्ड कप
पैट कमिंस (Pat Cummins) के कप्तान बनने के बाद लगा कि शायद पुराने दिन लौट आएंगे. उनकी अगुआई में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर 2023 का वनडे वर्ल्ड कप जीता. इसके अलावा, टीम ने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप भी अपने नाम की. कमिंस के नेतृत्व में टीम थोड़ी संभली हुई नजर आई और लगा कि अब यह टीम फिर से दुनिया पर राज करेगी. लेकिन यह सफलता ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और टी20 फॉर्मेट में उनकी कमजोरी खुलकर सामने आने लगी.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से शर्मनाक विदाई
कमिंस की सफलता के बाद टीम का ग्राफ फिर तेजी से नीचे गिरा. पहले टी20 वर्ल्ड कप 2024 में अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर बाहर किया था. अब 2026 के टी20 वर्ल्ड कप में हालात और बदतर हो गए. टूर्नामेंट से पहले पाकिस्तान ने उन्हें 3-0 से हराया. इसके बाद वर्ल्ड कप में 13 फरवरी को जिम्बाब्वे ने बड़ा उलटफेर करते हुए उन्हें हराया. इसके बाद श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से हराकर टूर्नामेंट से बाहर करने का रास्ता और पक्का कर दिया.
रही सही कसर 17 फरवरी को जिम्बाब्वे और आयरलैंड मैच के रद्द होने पूरी हो गई. मुकाबले के रद्द होते ही टीम पूरी तरह टूर्नामेंट से बाहर हो गई. यह हार बताती है कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट अब अपने सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है.
क्या ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गया है?
हां, जिम्बाब्वे और श्रीलंका से लगातार मैच हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गया है.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया को किन टीमों ने हराया?
ऑस्ट्रेलिया को ग्रुप स्टेज में पहले जिम्बाब्वे ने हराया और उसके बाद श्रीलंका ने 8 विकेट से करारी शिकस्त दी.
ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट का गोल्डन पीरियड कब माना जाता है?
ऑस्ट्रेलिया का गोल्डन पीरियड 1999 से 2007 के बीच माना जाता है. इस दौरान उन्होंने लगातार तीन वनडे वर्ल्ड कप जीते थे.
2024 के टी20 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया को किस टीम ने बाहर किया था?
2024 के टी20 वर्ल्ड कप में अफगानिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता दिखाया था.
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