“धोनी और सचिन ने तो प्रेस कॉन्फ्रेंस…” टीम इंडिया के ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से विवाद पर बोले माइकल क्लार्क

IND vs AUS: तीसरे टेस्ट के बाद भारतीय टीम पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया लगातार कोई न कोई आरोप लगा रही है. पहले विराट कोहली उसके बाद रवींद्र जडेजा पर निशाना साधा गया. लेकिन माइकल क्लार्क इससे हैरान नहीं हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय टीम ने टूर से पहले ही यह तय कर दिया था, कि उनका ऑफ फील्ड व्यवहार कैसा रहेगा. लेकिन इससे टीम को कोई परेशानी नहीं होगी

IND vs AUS: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर खिलाड़ी मैदान पर भिड़े तो उसे खेल में एग्रेसिव एटीट्यूड माना जाता है. क्योंकि खिलाड़ी मैदान पर जीत के लिए खेलते हैं. लेकिन भारतीय टीम मैदान के बाहर भी निशाना बन रही है. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने पहले विराट कोहली के साथ गहमागहमी की, उसके बाद रवींद्र जडेजा उनका निशाना बने. हालांकि माइकल क्लार्क इससे हैरान नहीं हैं. इस मामले पर उन्होंने प्रतिक्रिया देते हुए कहा भारतीय टीम ने यह पहले से ही तय कर दिया था कि मैदान के बाहर उनका व्यवहार कैसा रहेगा.

धोनी और सचिन ने नहीं की कोई प्रेस कांफ्रेंस

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने रविंद्र जडेजा की मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर उठे विवाद पर अपनी ईमानदार राय दी. उन्होंने कहा कि पहले एमएस धोनी मैच से पहले मीडिया से बात नहीं करते थे और सचिन तेंदुलकर ने भी यही किया. क्लार्क ने ईएसपीएन के अराउंड द विकेट शो में कहा, “ईमानदारी से कहूं तो मुझे नहीं लगता कि बहुत कुछ बदला है. मैंने भारतीय टीमों को यहां आते हुए देखा है और उनके कप्तान एमएस धोनी ने पूरी टेस्ट सीरीज के दौरान एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं की. यहां तक कि जब सचिन मीडिया से बात करने का फैसला करते थे, तो उन पर भी बहुत प्रतिबंध होते थे. मुझे लगता है कि यह लंबे समय से ऐसा ही है. इसलिए, मुझे यह पसंद है कि वे अब किसी को मैदान में उतार रहे हैं.”

जडेजा के साथ क्यों हुआ था विवाद

बॉक्सिंग डे टेस्ट से पहले मीडिया से बात करते हुए जडेजा ने सवालों के जवाब केवल हिंदी में दिए. बीसीसीआई के मीडिया प्रबंधक ने बताया कि जडेजा अंग्रेजी में सवाल नहीं ले पाएंगे क्योंकि उन्हें बस पकड़नी है. इस बात पर ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने नाराजगी जाहिर करते हुए जडेजा को निशाना बनाया. न्यूज चैनल 7स्पोर्ट्स ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करते हुए जडेजा पर अंग्रेजी में सवालों के जवाब देने से “इनकार” करने का आरोप लगाया. लेकिन हकीकत में जडेजा की इसमें कोई भूमिका नहीं थी. प्रेस मीट केवल भारतीय मीडिया के लिए थी और सभी सवाल हिंदी में पूछे गए इसलिए जडेजा ने हिंदी में जवाब दिया.

भारतीय टीम ने पहले ही तय कर लिया था

क्लार्क ने कहा कि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले ही इस बात के संकेत दे दिए थे कि मैदान के बाहर उसका व्यवहार कैसा रहने वाला है. उन्होंने मुंबई में गौतम गंभीर की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने रिकी पोंटिंग की बात का खरा जवाब दिया था जब विराट की फॉर्म को लेकर सवाल पूछा गया था. उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि भारत से जाने से पहले ही उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया था कि ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर वे किस तरह के खिलाड़ी बनेंगे. वे अपने लक्ष्य पर अड़े रहेंगे, अपनी योजना पर अड़े रहेंगे. गंभीर ने पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही यह बात स्पष्ट कर दी थी.” हालांकि 2015 विश्व कप विजेता कप्तान ने कहा कि यह चीजें भारतीय टीम को परेशान नहीं करेंगी क्योंकि टीमें मैदान के अंदर क्या हो रहा है, इससे प्रभावित होती हैं न कि बाहर के मुद्दों से.

मेलबर्न में खेला जाएगा चौथा टेस्ट

भारत और ऑस्ट्रेलिया पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में तीन टेस्ट मैचों तक 1-1 से बराबरी पर हैं. बीच चौथा टेस्ट कल 26 दिसंबर को मेलबर्न में खेला जाएगा. बॉक्सिंग डे टेस्ट में पिछले दो दौरों से टीम इंडिया लगातार जीत दर्ज कर रही है. ऐसे में वह तीसरी जीत दर्ज कर इस मैदान पर अपनी हैट्रिक लगाना चाहेगी. वहीं ऑस्ट्रेलिया ने भी अपनी कमर कसते हुए टीम में दो बदलाव किए हैं. बल्लेबाज सैम कोंस्टास और स्कॉट बोलैंड को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया है. सैम कोंस्टास इस मैच में डेब्यू करेंगे तो अपने गृह नगर में बोलैंड की वापसी हुई है.

यह भी पढ़ें: IND vs AUS: मेलबर्न में किसका पलड़ा रहेगा भारी, आंकड़ों में जानिए भारत और ऑस्ट्रेलिया का रिकॉर्ड

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Anant narayan shukla

अनन्त नारायण शुक्ल प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट क्रिएटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में करीब दो वर्षों का अनुभव है. अनन्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों, वैश्विक भू-राजनीति (ग्लोबल जियोपॉलिटिक्स), रक्षा नीति, कूटनीति और विश्व राजनीति से जुड़े विषयों पर खबरें करते हैं. वे दुनिया भर में घट रही महत्वपूर्ण घटनाओं को गहरी रिसर्च और तथ्यमात्मक विश्लेषण के साथ पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं.

अनन्त मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय संघर्ष, वैश्विक सुरक्षा, रक्षा रणनीतियों, विदेश नीति, भारत के पड़ोसी देशों से जुड़े घटनाक्रम और विश्व स्तर पर भारत की भूमिका जैसे विषयों को कवर करते हैं. इजरायल-ईरान संघर्ष, अमेरिका की विदेश नीति, परमाणु सुरक्षा, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के हालात, नेपाल-चीन सीमा से जुड़े मुद्दे और वैश्विक कूटनीतिक घटनाक्रम पर उनकी विशेष पकड़ है. इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय आपदाओं, विदेशों में बसे भारतीयों और वैश्विक स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी खबरों पर भी नियमित रूप से लिखते हैं.

इतिहास, राजनीति और विज्ञान में उनकी गहरी रुचि रही है, जिसने उन्हें वैश्विक मामलों और अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. यही वजह है कि उनके लेखों में विषय की गहराई, एक्सपर्ट्स की राय के साथ उनके कमेंट्स, तथ्यों की सटीकता और व्यापक संदर्भ देखने को मिलता है. बदलते वैश्विक परिदृश्य पर उनकी पैनी नजर रहती है, जिससे वे पाठकों तक समय पर विश्वसनीय और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाते हैं.

अनन्त को राष्ट्रीय राजनीति की भी समझ है. उन्होंने झारखंड विधान सभा 2024, दिल्ली विधान सभा चुनाव 2025 चुनाव और देश के अन्य चुनावों को कवर किया है. चुनाव के काउंटिंग डे को कवर करने का भी उनके पास काफी अनुभव है.

अनन्त कभी-कभी नेशनल डेस्क भी संभालते हैं, जिसमें देश भर में जनता से जुड़े जरूरी सामाजिक मुद्दे, न्यायिक खबरों और अपराध की खबरों को भी कवर करते हैं. इसके अलावा उन्हें रोचक जानकारियों को क्यूरेट करने का भी शौक है. इसमें लाइफस्टाइल, ऐतिहासिक और पुरातात्विक जानकारी के साथ ही दुनिया भर के साम्राज्यों के बारे में खबरें करते हैं.

उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले अनन्त ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की है. उन्होंने 2024 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत प्रभात खबर में खेल पत्रकार के रूप में की थी, जहां उन्होंने करीब एक वर्ष तक क्रिकेट और अन्य खेलों से जुड़ी खबरों को कवर किया. बाद में अपनी रुचि और विशेषज्ञता के चलते उन्होंने अंतरराष्ट्रीय डेस्क का रुख किया और आज वैश्विक राजनीति व भू-राजनीति के प्रमुख विषयों पर लेखन कर रहे हैं.

तथ्यों की पुष्टि और सटीक जानकारी को वे अपनी पत्रकारिता का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. उनका प्रयास रहता है कि पाठकों को विश्व घटनाक्रम की भरोसेमंद, संतुलित और गहन जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध हो, ताकि वे वैश्विक मुद्दों को बेहतर ढंग से समझ सकें.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >