सूर्यकुमार भूल जाएं कि वह कप्तान हैं बस… IND vs PAK महामुकाबले से पहले कप्तान को मिली बिंदास सलाह

Asia Cup 2025 Suryakumar Yadav: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार की अगुवाई में टीम इंडिया एशिया कप 2025 में जीत के परचम बुलंद कर रही है. लेकिन कैप्टन सूर्या अपनी खुद की बल्लेबाजी में संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में पूर्व क्रिकेटर दीप दासगुप्ता से एक बड़ी सलाह मिली है.

Asia Cup 2025 Suryakumar Yadav: एशिया कप टी20 टूर्नामेंट में बतौर कप्तान अब तक शानदार नतीजे दिलाने वाले सूर्यकुमार यादव अपनी बल्लेबाजी से वैसी छाप नहीं छोड़ पाए हैं, जैसी उनसे उम्मीद की जाती है. हालांकि रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले खिताबी मुकाबले में उनके पास खुद को साबित करने का बेहतरीन अवसर होगा. इस टूर्नामेंट में उनकी सबसे अच्छी पारी ग्रुप चरण में पाकिस्तान के विरुद्ध आई थी, जब उन्होंने नाबाद 47 रन बनाए थे. उस वक्त टीम एक छोटे लक्ष्य का पीछा कर रही थी और सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की 31 रन की तूफानी पारी ने बाकी बल्लेबाजों से दबाव पूरी तरह हटा दिया था.

कप्तानी संभालने के बाद सूर्यकुमार की बल्लेबाजी में गिरावट साफ दिखी है. इसका बड़ा कारण उनका लगातार बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना भी रहा है. युवा खिलाड़ियों को अधिक मौके देने के लिए वह खुद अपने स्थान को आगे-पीछे करते रहे हैं. यही वजह रही कि उनकी लय पर असर पड़ा और रन बनाने की रफ्तार धीमी हो गई.

साल 2024 और 2025 के प्रदर्शन में अंतर

पिछले साल 2024 में सूर्यकुमार ने 15 पारियों में चार अर्धशतकों की मदद से 420 रन बनाए थे. इस दौरान उन्होंने 271 गेंदों का सामना किया और 155 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की और 40 चौके और 22 छक्के निकले. उस साल उनकी डॉट गेंद प्रतिशत लगभग 35 रही. लेकिन मौजूदा वर्ष में खेले गए 10 मैचों में वह सिर्फ 90 गेंदों पर 99 रन ही बना पाए हैं. उनका स्ट्राइक रेट गिरकर 110 पर आ गया है. यह गिरावट मुख्यतः बल्लेबाजी क्रम में बदलाव और मौके की कमी की वजह से आई है.

रन बनाने की गति भी हुई धीमी

भारत ने इस अवधि में ज्यादातर मैचों में इतना दबदबा बनाया कि पहले गेंदबाजी करने के बाद उसे छोटे लक्ष्य का पीछा करना पड़ा. वहीं, जब टीम पहले बल्लेबाजी करती थी, तब अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन जैसी पारियों के कारण सूर्यकुमार को ज्यादा देर तक क्रीज पर ठहरने का अवसर नहीं मिला. चिंता की बात यह है कि इन 10 पारियों में उन्होंने महज 10 चौके और तीन छक्के लगाए हैं. उनकी डॉट गेंद प्रतिशत बढ़कर लगभग 48 हो गई है, यानी वह हर दो गेंद में एक डॉट खेल रहे हैं.

बिंदास क्रिकेट खेलें, भूल जाएं कि कप्तान हैं

भारत के पूर्व विकेटकीपर दीप दासगुप्ता ने पीटीआई से कहा, ‘‘मैं चाहता हूं कि कप्तान सूर्यकुमार बल्लेबाज सूर्यकुमार की परवाह करे. वह जिस तरह तिलक (वर्मा), संजू या अभिषेक की परवाह करते हैं, उसी तरह उन्हें विश्व स्तरीय बल्लेबाज सूर्यकुमार की भी परवाह करनी चाहिए.’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘सूर्यकुमार को बल्लेबाजी करते समय यह भूल जाना चाहिये कि वह कप्तान हैं और बिंदास क्रिकेट खेलें, जैसा कि वह पिछले कई वर्षों से करते आये हैं.’’

पिच की समस्या से भी दो-चार होना पड़ा रहा है

विरोधी गेंदबाज अब सूर्यकुमार को लेकर बेहतर योजनाओं के साथ उतर रहे हैं. खासकर दुबई की पिचों पर पावरप्ले के बाद नए बल्लेबाजों को जमने में कठिनाई होती है. हालांकि सूर्यकुमार के पास ऐसे हालात से निपटने का अनुभव और हुनर है. भारतीय टीम चाहेगी कि फाइनल में उनका बल्ला बोले और वह एक यादगार पारी खेलकर टीम को खिताब दिलाएं. भारत पाकिस्तान का यह महामुकाबला रात 8 बजे से खेला जाएगा. 

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