धौनी चुपचाप अपना काम करते हैं, कोहली में दिखता है जुनून : सैमी
नयी दिल्ली : विराट कोहली को रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की अगुआई करते हुए करीब से देखने वाले वेस्टइंडीज के टी20 कप्तान डेरेन सैमी का मानना है कि इस स्टार बल्लेबाज को उदाहरण के साथ अगुआई करना पसंद है जबकि इसके विपरीत उनके पूर्ववर्ती महेंद्र सिंह चुपचाप अपना काम करते हैं. पिछले आईपीएल के आरसीबी की […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
नयी दिल्ली : विराट कोहली को रायल चैलेंजर्स बेंगलूर की अगुआई करते हुए करीब से देखने वाले वेस्टइंडीज के टी20 कप्तान डेरेन सैमी का मानना है कि इस स्टार बल्लेबाज को उदाहरण के साथ अगुआई करना पसंद है जबकि इसके विपरीत उनके पूर्ववर्ती महेंद्र सिंह चुपचाप अपना काम करते हैं.
पिछले आईपीएल के आरसीबी की टीम का हिस्सा रहे सैमी ने आज यहां बातचीत के दौरान कहा, विराट को खेल के प्रत्येक लम्हे का हिस्सा बनना पसंद है जबकि महेंद्र सिंह धौनी के काम करने का तरीका चुपचाप बिना अधिक बोले अपना काम करना है. सैमी को आरसीबी के साथ बिताए सात हफ्तों के दौरान कोहली का ‘जुनून’ पसंद आया जो इस भारतीय को अन्य खिलाडियों से अलग करता है.
उन्होंने कहा, सभी को पता है कि विराट शानदार बल्लेबाज है और उसके अंदर उदारहण के साथ अगुआई करने की क्षमता है. उसका रवैया आक्रामक है और वह मैच जीतना चाहता है. अगर वह आरसीबी जैसा जज्बा और इच्छाशक्ति भारतीय टीम की कप्तानी में भी ला पाया तो यह शानदार होगा.
सैमी ने कहा, लेकिन यह तय है कि वह अपनी अलग शैली लेकर आएगा. मैं बांग्लादेश के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला के लिए उसे शुभकामनाएं देता हूं. सैमी के लिए आईपीएल काफी अच्छा नहीं रहा और उन्हें सिर्फ दो मैच खेलने को मिले लेकिन अब वह आगामी कैरेबियाई प्रीमियर लीग में सेंट लूसिया जाउक्स की अगुआई करने की तैयारी कर रहे हैं.
सैमी ने कहा, यह निराशाजनक था (आईपीएल में सिर्फ दो मैच खेलना). उस समय मैं कंधे की चोट से परेशान था लेकिन इसके बाद मैंने इंग्लिश टी20 चैम्पियनशिप में नाटिंघमशर की ओर से कुछ मैच खेले और अब मैं सीपीएल में खेलने को लेकर बेताब हूं. टीम में केविन (पीटरसन) जैसे खिलाड़ी के होने के कारण हमें पिछली बार की तुलना में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है.
पिछले साल टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सैमी ने कहा कि उन्हें खेल के लंबे प्रारुप से 30 बरस की उम्र में संन्यास लेने का कोई खेद नहीं है. उन्होंने कहा, मुझे कोई मलाल नहीं है. मैं अपने फैसले से बेहद खुश हूं. वैसे भी काफी लोग सोचते हैं कि मैंने जो 37 टेस्ट खेले वे काफी अधिक हैं.