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‘ऐसा लगा जैसे दिमाग फटने वाला है…’, खिताब जीतने के बाद रोहन बोपन्ना का बयान

ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के बाद रोहन बोपन्ना ने का बयान सामने आया है. उनका कहना है कि यह एक सपना सच होने जैसा है.

रोहन बोपन्ना ने शनिवार को मैथ्यू इबडेन के साथ मिलकर सिमोन बोलेली और आंद्रिया वावासोरी की जोड़ी पर शानदार जीत से ऑस्ट्रेलियाई ओपन पुरुष युगल खिताब अपने नाम किया. इससे वह ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गये. दूसरी वरीय बोपन्ना-इबडेन की जोड़ी ने एक घंटे 39 मिनट तक चले फाइनल में गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी पर 7-6(0) 7-5 से जीत दर्ज की. इससे पहले लिएंडर पेस और महेश भूपति ही भारत के लिए पुरुष टेनिस में मेजर खिताब जीत पाये हैं जबकि सानिया मिर्जा ने महिला टेनिस में यह उपलब्धि हासिल की है. ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने के बाद रोहन बोपन्ना ने का बयान सामने आया है. उनका कहना है कि यह एक सपना सच होने जैसा है.

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यह एक जादुई एहसास था: रोहन बोपन्ना

रोहन बोपन्ना ने शनिवार को मैथ्यू इबडेन के साथ मिलकर सिमोन बोलेली और आंद्रिया वावासोरी की जोड़ी पर शानदार जीत से ऑस्ट्रेलियाई ओपन पुरुष युगल खिताब अपने नाम किया. इससे वह ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने की उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गये. जिसके बाद उसना बयान सामने आया. मैच के दौरान उनके दिमाग पर चल रहे अभी बातों और खिताब जीतने के बाद के एहसास का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘लेवल 43 विश्व के नंबर एक खिलाड़ी जैसा महसूस होता है. यह एक सपना सच होने जैसा है. जब मैं कोर्ट पर था, तो मेरे दिमाग में बहुत सारे विचार चल रहे थे. यह ऐसा लगता है जैसे दिमाग फटने वाला है. यह एक जादुई एहसास था और मुझे इस ग्रैंड स्लैम को हासिल करने पर गर्व है.’


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बोपन्ना का दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब

बोपन्ना का यह दूसरा ग्रैंडस्लैम खिताब है. उन्होंने 2017 में कनाडा की गैब्रिएला दाब्रोवस्की के साथ मिलकर फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल खिताब जीता था. बोपन्ना 43 साल की उम्र में पुरुष टेनिस में ग्रैंडस्लैम चैम्पियन बनने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन गये. उन्होंने जीन जूलियन रोजर का रिकॉर्ड तोड़ा जिन्होंने 2022 में मार्सेलो अरेवोला के साथ मिलकर फ्रेंच ओपन पुरुष युगल ट्राफी जीती थी.

पीएम मोदी ने रोहन बोपन्ना को बधाई दी, कहा- उम्र कोई बाधा नहीं

ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीतने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोहन बोपन्ना हो बधाई दी. पीएम मोदी ने ट्वीट किया और लिखा, अभूतपूर्व प्रतिभाशाली रोहन बोपन्ना, दिखाता है कि उम्र कोई बाधा नहीं है! पीएम ने आगे लिखा, उनकी ऐतिहासिक ऑस्ट्रेलियन ओपन जीत पर उन्हें बधाई.


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खेल में केवल एक बार हुई सर्विस ब्रेक

रॉड लीवर अरीना में यह इतना कड़ा मुकाबला था कि इसमें बस एक बार सर्विस ब्रेक हुई जब वावासोरी ने दूसरे सेट के 11वें गेम में अपनी सर्विस गिराई. इसमें ज्यादा ब्रेक प्वाइंट भी नहीं थे. दूसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी को मुकाबले के शुरू में लगातार गेम में ब्रेक प्वाइंट मिले. लेकिन इटली के खिलाड़ियों ने दोनों को बचा लिया. दूसरे गेम में बोलेली की सर्विस पर वावासोरी ने 30-30 पर वॉली लगायी लेकिन बोपन्ना ने लंबा रिटर्न लगा दिया. चौथे गेम में इटली के खिलाड़ी फिर एक ब्रेक प्वाइंट से पिछड़ गये जब 30-30 पर बोपन्ना का रिटर्न शॉट ‘नेट कोर्ड’ से उछलकर नीचे गिर गया जिससे दूसरी वरीय जोड़ी को किस्मत के सहारे अंक मिल गया. लेकिन वावासोरी ने अच्छी सर्विस से इस प्वाइंट को भी बचा लिया. बोलेली 4-5 पर सर्विस करते हुए ‘30-ऑल’ पर दबाव में दिख रहे थे. लेकिन उन्होंने ताकतवर क्रॉस कोर्ट फोरहैंड शॉट मारा जो बोपन्ना की पहुंच से दूर निकल गया और फिर स्कोर 5-5 से बराबर हो गया.

एटीपी रैंकिंग में नंबर एक पर पहुंच जाएंगे बोपन्ना

11वें गेम में इबडेन पर दबाव बन गया जिसमें उन्हें ब्रेकप्वाइंट का सामना करना पड़ा लेकिन ड्यूस प्वाइंट खेलने के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ने ऐस लगाकर यह गेम खत्म किया. फिर टाई ब्रेकर में बोलेली की सर्विस दो बार टूटी और बोपन्ना-इबडेन की जोड़ी ने अपनी सर्विस पर एक भी अंक गंवाये बिना 5-0 से बढ़त बना ली. वावासोरी छह सेट प्वाइंट पर अपनी सर्विस गंवा बैठे. उन्होंने पहली को अंक में बदला लेकिन इबडेन ने लाइन के नीचे फोरहैंड शॉट से जीत हासिल की. बोपन्ना सोमवार को जारी होने वाली एटीपी रैंकिंग में नंबर एक खिलाड़ी बन जायेंगे. 43 की उम्र में वह शीर्ष रैंकिंग पर पहुंचने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी भी बन जायेंगे. बोलेली ने 2015 में फैबियो फोगनिनी के साथ मिलकर ऑस्ट्रेलयाई ओपन पुरुष युगल खिताब जीता था.

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