Asian Champions Trophy: कोरिया को रौंदकर भारतीय हॉकी टीम फाइनल में, चीन के साथ खिताबी भिड़ंत

Asian Champions Trophy: कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से भारतीय हॉकी टीम ने सेमीफाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया को हराकर फाइनल का टिकट कटा लिया.

Asian Champions Trophy: बेहतरीन फॉर्म में चल रहे कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की मदद से गत चैंपियन भारत ने सोमवार को दक्षिण कोरिया को 4-1 से हराकर पुरुष एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी (एसीटी) हॉकी टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया. भारत के लिए कप्तान हरमनप्रीत सिंह (19वें और 45वें मिनट) ने दो गोल दागे जबकि उत्तम सिंह (13वें मिनट) और जरमनप्रीत सिंह (32वें मिनट) ने एक-एक गोल किया. कोरिया की तरफ से एकमात्र गोल यैंग जिहुन (33वें मिनट) ने पेनल्टी कॉर्नर पर किया.

Asian Champions Trophy: फाइनल में चीन से होगी भिड़ंत

भारत मंगलवार को होने वाले फाइनल में मेजबान चीन से भिड़ेगा. भारत ने लीग चरण के मैच में चीन को 3-0 से हराया था. इससे पहले चीन ने दिन के पहले सेमीफाइनल में पाकिस्तान को शूटआउट के जरिए 2-0 से हराया था. निर्धारित समय के बाद दोनों टीम 1-1 से बराबरी पर थीं. तीसरे स्थान के क्लासिफिकेशन मैच में पाकिस्तान और कोरिया की टीम आमने सामने होंगी. यह मैच भी मंगलवार को ही खेला जाएगा.

भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया

उम्मीद के मुताबिक भारत ने शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और कोरिया के डिफेंस को लगातार दबाव में रखा. दूसरी तरफ कोरिया ने डिफेंस पर ध्यान दिया और बीच-बीच में पलटवार करने की रणनीति अपनाई. अभिषेक चौथे ही मिनट में भारत को बढ़त दिलाने के करीब पहुंचे लेकिन रिवर्स हिट से लगाए उनके शॉट को कोरिया के गोलकीपर किम जेइहेन ने रोक दिया. भारतीय टीम पहले क्वार्टर में लगातार कोरिया के सर्कल को भेदने में सफल रही जिसका फायदा टीम को 13वें मिनट में मिला जब उत्तम ने दाएं छोर से अराइजीत सिंह हुंडाल के पास पर गोल दाग दिया. दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में कोरिया में लगातार दो पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन टीम इनका फायदा नहीं उठा सकी. दूसरे क्वार्टर के चौथे मिनट में भारत को पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर कप्तान हरमनप्रीत ने टूर्नामेंट का अपना छठा गोल दागते हुए टीम को 2-0 से आगे कर दिया. मध्यांतर तक भारतीय टीम 2-0 से आगे थी.

आखिरी एक सेकेंड में हरमनप्रीत ने गोल दागकर भारत को 4-1 से जीताया

तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत ने स्कोर 3-0 कर दिया जब सुमित ने स्कूप करके बाएं छोर पर जरमनप्रीत को पास दिया और उन्होंने इसे गोल में पहुंचाने में कोई गलती नहीं की. टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर जिहुन ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके कोरिया का खाता खोला. तीसरे क्वार्टर में जब सिर्फ एक सेकेंड बचा था तब भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जब कोरिया के गोलकीपर जेइहेन को सर्कल के बाहर गेंद को हाथ से रोकने के लिए पीला कार्ड दिखाया गया. हरमनप्रीत ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को 4-1 से आगे किया. चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारत के गोलकीपर सूरज करकेरा पार्क चियोलियोन के दो प्रयासों को नाकाम किया. कोरिया को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला लेकिन टीम इस पर भी गोल करने में नाकाम रही और भारत ने छठी बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाई.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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