गुजरात को 100 रन पर धराशाई करने में हीरो रहे अश्विनी, कहा-मैंने यॉर्कर- स्विंग का भरपूर इस्तेमाल किया

Ashwani Kumar : मुंबई के तेज गेंदबाज अश्विनी कुमार ने गुजरात टाइटंस के खिलाफ घातक गेंदबाजी की और उनके चार खिलाड़ियों को पवेलियन पहुंचाकर मुंबई की जीत में अहम भूमिका निभाई.

Ashwani Kumar : गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलते हुए तिलक वर्मा ने जहां अपनी बैटिंग से टीम में नई जान फूंकी, वहीं मुंबई के तेज गेंदबाज अश्विनी कुमार ने अपने यॉर्कर और स्विंग से गुजरात की टीम को इतना परेशान किया कि वे 100 रन पर ही धराशाई हो गए. अश्विनी कुमार ने अपने 4 ओवर में 24 रन देकर चार विकेट चटकाए.अश्विनी ने गुजरात टाइटंस को 15.5 ओवर में 100 रन पर आउट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

मैंने यॉर्कर और स्विंग को बनाया हथियार

मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए अश्विनी कुमार ने कहा कि मैं यॉर्कर और स्विंग पर काम कर रहा था. मैं बस मौके का इंतजार कर रहा था. मुझे जब भी मौका मिलता, मैं अच्छा प्रदर्शन करता या मैं मंदिर जाता था. मैं बस यही कर रहा था. अश्विनी ने कहा कि मैंने विकेट की परिस्थितियों के अनुसार गेंदबाजी की. हमने कप्तान से इस बारे में चर्चा की और अपनी रणनीति पर अच्छी तरह से अमल करने की कोशिश की.अश्विनी ने कहा-यह काली मिट्टी की पिच है, इसलिए हमें पता था कि गेंद थोड़ी नीची रहेगी. इसलिए हमारी रणनीति सही लेंथ पर गेंद डालना और पिच की परिस्थिति के अनुसार गेंदबाजी करना था.

प्वाइंट टेबल में नंबर 7 पर पहुंचा मुंबई इंडियंस

तिलक वर्मा और अश्विनी कुमार के शानदार प्रदर्शन की वजह से मुंबई इंडियंस की टीम एक बार फिर जाग गई है. 5 बार खिताब जीतने वाली मुंबई इंडियंस की टीम अपने पहले मैच को जीतने के बाद से लगातार हार रही थी, सोमवार को गुजरात के खिलाफ खेलते हुए उसकी हार का सिलसिला टूटा है. अब टीम 6 मैच में दो जीत के साथ 4 अंक बटोर चुकी है और अब चेन्नई से ऊपर पहुंच गई है.

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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