Yogini Ekadashi 2025 के दिन इन चीजों को खाने से करें परहेज, विष्णुजी बरसाएंगे कृपा

Yogini Ekadashi 2025: योगिनी एकादशी पर व्रत का संकल्प लेने वाले भक्तों के लिए यह जानना जरूरी है कि इस दिन क्या खाएं और किन चीजों से परहेज करें. 21 जून को पड़ने वाली योगिनी एकादशी पर नियमपूर्वक उपवास और संयमित आहार से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है.

Yogini Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है. पंचांग के अनुसार, इस वर्ष योगिनी एकादशी 21 जून 2025 को पड़ रही है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से व्रत रखने व पूजा करने से व्यक्ति को 88 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य प्राप्त होता है. हालांकि व्रत के दौरान अक्सर लोगों को इस बात की सही जानकारी नहीं होती कि किन चीजों का सेवन करना चाहिए और किनका नहीं. ऐसे में सही मार्गदर्शन आवश्यक है ताकि व्रत पूर्ण रूप से सफल हो और इसके पुण्य का संपूर्ण लाभ मिल सके. आइए जानते हैं योगिनी एकादशी व्रत में  किन चीजों से करें परहेज. इस दिन आहार-विहार में विशेष सतर्कता बरतना जरूरी होता है. कुछ विशेष चीजें हैं जिनसे व्रत के दौरान परहेज करना अत्यंत शुभ और आवश्यक माना गया है.

चावल और उससे बने व्यंजन

एकादशी व्रत में चावल का सेवन वर्जित माना गया है. मान्यता है कि इस दिन चावल खाने से व्रत का पुण्य घटता है. इसलिए चावल, खिचड़ी, डोसा, इडली जैसे चावल से बने भोजन से बचना चाहिए.

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तामसिक आहार – लहसुन और प्याज

व्रत के दिन सात्त्विक आहार ही ग्रहण करें. प्याज, लहसुन, मांसाहार, अंडा आदि तामसिक तत्व होते हैं, जिन्हें व्रत में पूरी तरह त्याग देना चाहिए.

अनाज और दालों का सेवन न करें

गेहूं, चना, मूंग, मसूर, उड़द, राजमा, सोयाबीन जैसे अनाज और दालें योगिनी एकादशी के व्रत में निषिद्ध मानी जाती हैं.

तले-भुने और मसालेदार व्यंजन

व्रत के दिन शरीर और मन की शुद्धि आवश्यक होती है. इसलिए अधिक तला हुआ, मिर्च-मसालेदार या गरिष्ठ भोजन करने से परहेज करें. हल्का, फलाहारी और सात्त्विक भोजन करना उत्तम है.

मादक पदार्थों का सेवन वर्जित

शराब, सिगरेट, तंबाकू और किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ व्रत में पूरी तरह निषिद्ध होते हैं. ये आध्यात्मिक और शारीरिक रूप से नुकसानदायक माने जाते हैं.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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