Chandra Grahan 2026: आज साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. यह खंडग्रास चंद्र ग्रहण है, जो सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में हो रहा है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इसका विशेष महत्व माना जाता है. इस ग्रहण का सूतक काल सुबह 6 बजकर 20 मिनट से शुरू हो गया है.
सूतक काल और उसका प्रभाव
ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा के अनुसार, सूतक लगते ही धार्मिक और मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं. सुबह 6:20 बजे से मंदिरों के कपाट बंद कर दिए गए हैं. इस दौरान पूजा-पाठ, हवन, शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाते. ग्रहण का मुख्य प्रभाव दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा. इस समय विशेष सावधानी रखने की सलाह दी गई है. सूतक काल में भोजन पकाना या खाना, किसी वस्तु को काटना और अन्य शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है. गर्भवती महिलाओं को खास ध्यान रखने की सलाह दी गई है. उन्हें एक ही स्थान पर लगातार बैठने से बचना चाहिए.
होलिका दहन और रंगों वाली होली
रंगों वाली होली परंपरागत रूप से होलिका दहन के अगले दिन खेली जाती है. इस साल कई जगहों पर 2 मार्च को होलिका दहन किया गया. लेकिन 3 मार्च को चंद्र ग्रहण होने की वजह से उसी दिन रंगों वाली होली नहीं खेली जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के दिन शुभ कार्य और उत्सव टाल दिए जाते हैं. इसी कारण पारंपरिक रूप से रंगों वाली होली 4 मार्च को मनाई जाएगी.
आज कितने बजे खेली जा सकेगी होली?
ज्योतिषाचार्यों डॉ एन के बेरा के अनुसार, चंद्र ग्रहण समाप्त होने के बाद यानी शाम लगभग 7:15 बजे के बाद सोसाइटी और पार्कों में रंगों वाली होली खेली जा सकती है. यानी ग्रहण खत्म होने और शुद्धिकरण के बाद उत्सव मनाने में कोई बाधा नहीं रहेगी. इसके अलावा, जो लोग पारंपरिक तरीके से होली मनाना चाहते हैं, वे 4 मार्च को दिन में रंगों का त्योहार मना सकते हैं. इस तरह लोग दोनों समय पर उत्सव का आनंद ले सकते हैं.
आज का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है. एक ओर चंद्र ग्रहण का प्रभाव है, तो दूसरी ओर होली का उत्साह. इसलिए सावधानी और परंपरा का ध्यान रखते हुए लोग पहले ग्रहण की मर्यादा का पालन करेंगे और उसके बाद रंगों के त्योहार का आनंद उठाएंगे.
