Shattila Ekadashi 2026 Upay: इस दिन है षटतिला एकादशी, जानें भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के उपाय

Shattila Ekadashi 2026 Upay: माघ मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली षटतिला एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है. इस दिन तिल से जुड़े उपाय और दान करने से पापों का नाश और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है.

By Shaurya Punj | January 7, 2026 8:26 AM

Shattila Ekadashi 2026 Upay:  हिंदू धर्म में प्रत्येक माह आने वाली एकादशी तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. हर महीने शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी का अपना अलग महत्व होता है, लेकिन जब एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष में आती है, तो उसे षटतिला एकादशी कहा जाता है. इस एकादशी का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अन्य एकादशियों की तुलना में कहीं अधिक बढ़ जाता है.

षटतिला एकादशी का विशेष महत्व

षटतिला एकादशी में तिल का विशेष स्थान होता है. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन तिल से बने भोग भगवान विष्णु को अर्पित करने और तिल का दान करने से व्यक्ति के पाप, दोष और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं. मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर साधक को अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

षटतिला एकादशी 2026 कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, षटतिला एकादशी तिथि की शुरुआत 13 जनवरी 2026 को दोपहर 03 बजकर 17 मिनट से होगी और इसका समापन 14 जनवरी 2026 को शाम 05 बजकर 52 मिनट पर होगा. चूंकि हिंदू धर्म में उदयातिथि को मान्यता दी जाती है, इसलिए षटतिला एकादशी का व्रत 14 जनवरी 2026, बुधवार को रखा जाएगा.

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षटतिला एकादशी पर भगवान विष्णु को कैसे करें प्रसन्न?

  • इस पावन दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए तुलसी से जुड़े उपाय करना अत्यंत शुभ माना गया है. तुलसी को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है. यह न केवल धार्मिक दृष्टि से, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए भी महत्वपूर्ण पौधा है.
  • इस दिन तुलसी के पौधे की विधिवत पूजा करनी चाहिए. सबसे पहले तुलसी को गंगाजल से स्नान कराएं, फिर उस पर हल्दी, रोली और चंदन अर्पित करें. तुलसी के पास तिल के तेल का दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है. साथ ही तुलसी को लाल चुनरी, चूड़ियां, सिंदूर और अन्य श्रृंगार सामग्री अर्पित करें.
  • मान्यता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-शांति, घर में सौभाग्य और समृद्धि आती है. इसके अलावा, षटतिला एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर कलावा (मौली) बांधना भी अत्यंत शुभ माना गया है. ऐसा करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों प्रसन्न होते हैं.
  • तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है. इस दिन तुलसी के पास गुड़, तिल और चावल जैसे मीठे भोग अर्पित करने से घर में धन, सुख और समृद्धि की वृद्धि होती है और परिवार के सभी सदस्यों पर भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है.