संजीव मिश्रा, देवघर
Devghar Holi 2026:आस्था, परंपरा और खास ज्योतिषीय संयोग के बीच देवघर की होली आज से शुरू हो रही है. सोमवार शाम चार बजे सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा बाबा पर गुलाल अर्पित कर होली का विधिवत शुभारंभ करेंगे. इस बार तिथि के विशेष संयोग के कारण 2 से 4 मार्च तक लगातार तीन दिनों तक होली मनायी जाएगी. 5 मार्च को बासी होली की परंपरा निभायी जाएगी.
सोमवार: सूखी होली की शुरुआत
सोमवार को दिनभर बाबा पर जलार्पण होगा. इसके बाद दोपहर साढ़े तीन बजे मंदिर का पट बंद कर दिया जाएगा और ठीक चार बजे फिर खोला जाएगा. इसी समय बाबा पर गुलाल चढ़ाकर सूखी होली की शुरुआत होगी.
भितरखंड स्थित राधा-कृष्ण मंदिर से भगवान की डोली ढोल-नगाड़ों के साथ निकलेगी. यह शोभायात्रा आजाद चौक के दोल मंच तक जाएगी. रास्ते में अलग-अलग चौक-चौराहों पर मालपुआ का भोग लगाया जाएगा. दोल मंच पर राधा-कृष्ण को झुलाने की परंपरा निभायी जाएगी. हरिहर मिलन तक मंदिर का पट पूरी रात खुला रहेगा.
मंगलवार: चंद्रग्रहण का असर
मंगलवार 3 मार्च को शाम 5:47 से 6:48 बजे तक चंद्रग्रहण रहेगा. इसे देखते हुए मंदिर की पूजा व्यवस्था में थोड़ा बदलाव किया गया है. प्रशासन के अनुसार, एहतियातन शाम चार बजे ही मंदिर का पट बंद कर दिया जाएगा.
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इस्टेट पुरोहित ने बताया कि बाबा के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं है. ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान, शुद्धिकरण और वैदिक मंत्रोच्चार किए जाएंगे. इसके बाद लगभग साढ़े सात बजे श्रृंगार पूजा के लिए मंदिर का पट फिर से खोला जाएगा. तब श्रद्धालु दोबारा दर्शन कर सकेंगे.
होलिका दहन और हरिहर मिलन
मंगलवार तड़के 5:11 बजे दोल मंच पर विधि-विधान से होलिका दहन होगा. इसके बाद राधा-कृष्ण की डोली बाबा मंदिर पहुंचेगी. सुबह करीब छह बजे गर्भगृह में हरिहर मिलन का विशेष दृश्य देखने को मिलेगा. इस दौरान जयकारों और गुलाल के बीच यह परंपरा पूरी होगी. श्रृंगार पूजन के बाद मंदिर फिर खोला जाएगा. सुबह 10 बजे से आम भक्तों के लिए जलार्पण शुरू होगा. इस तरह आस्था, परंपरा और उत्साह के साथ देवघर में कई दिनों तक होली का रंग बिखरेगा.
