Saraswati Puja 2026: विद्यार्थियों के लिए सबसे शुभ दिन क्यों मानी जाती है सरस्वती पूजा, जाने शुभ मुहूर्त और उपाय

Saraswati Puja 2026: इस वर्ष सरस्वती पूजा 23 जनवरी दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा. मान्यता के अनुसार मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, कला और ज्ञान की देवी माना जाता है. आइए जानते हैं, ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से छात्रों के लिए सरस्वती पूजा का दिन शुभ क्यों माना जाता है.

By Ranjan Kumar | January 9, 2026 12:51 AM

Saraswati Puja 2026: बसंत पंचमी भारत का एक प्रमुख त्योहार है. जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है. हिदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष सरस्वती पूजा 23 जनवरी दिन शुक्रवार को धूम- धाम से मनाया जाएगा. हर साल माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को माता सरस्वती की पूजा विधि-विधान से की जाती है. मान्यता के अनुसार मां सरस्वती को विद्या, बुद्धि, कला और ज्ञान की देवी माना जाता है. यही कारण है कि इस दिन विद्यार्थी और कलाकार माता सरस्वती की विशेष उपासना कर ज्ञान, विवेक और सफलता का आशीर्वाद मांगते हैं. आइए जानते हैं, ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से पूजा विधि, विद्यार्थियों के लिए विशेष उपाय और यह भी जानेंगे कि छात्रों के लिए सरस्वती पूजा का दिन शुभ क्यों माना जाता है.

बसंत पंचमी 2026 सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त

बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी 2026 दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा.

  • बसंत पंचमी तिथि प्रारंभ: 23 जनवरी 2026 को प्रात: 2 बजकर 28 मिनट पर
  • बसंत पंचमी तिथि समाप्त: 24 जनवरी 2026 को प्रात: 01 बजकर 46 मिनट पर
  • सरस्वती पूजा शुभ मुहूर्त: सुबह 07 बजकर 13 मिनट से सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक

विद्यार्थियों के लिए सबसे शुभ दिन क्यों मानी जाती है सरस्वती पूजा

ज्ञान की देवी हैं मां सरस्वती

सरस्वती पूजा विद्यार्थियों के लिए खास त्योहार है. मां सरस्वती को ज्ञान और बुद्धि की देवी माना जाता है. शास्त्र और पुराण में जिक्र है कि सृष्टि को सुंदर, ज्ञानमय और सुरों से सजाने के लिए ही माता सरस्वती का जन्म हुआ. विद्यार्थियों का मुख्य उद्देश्य पढ़ाई के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करना होता है. धार्मिक मान्यता है कि जो विद्यार्थी सच्चे मन से मां सरस्वती की पूजा करता है. उसके जीवन में ज्ञान का प्रकाश बढ़ता है और वह अपने क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है.

बसंत पंचमी के दिन शिक्षा शुरू करने के लिए सबसे शुभ दिन होता है

बसंत पंचमी के दिन शिक्षा शुरू करने के लिए शुभ होता है. भारत के कई राज्यों में छोटे बच्चों को पहली बार अक्षर लिखने के लिए सिखाया जाता है. सनातन धर्म में मान्यता है कि इस दिन पढ़ाई शुरू करने वाले बच्चों की सीखने की शक्ति बढ़ती है और बड़े होकर बुद्धिमान बनते हैं. इस दिन छोटे बच्चों को ‘ॐ का उच्चारण करवाना अत्यंत कल्याणकारी माना जाता है.

सरस्वती पूजा के दिन पुस्तक, कलम और वाद्ययंत्रों का पूजन मंगलमय माना जाता है

सरस्वती पूजा के दिन पुस्तक, कलम और वाद्ययंत्रों की पूजा करना अत्यंत शुभ और मंगलकारी माना जाता है. इस दिन इन वस्तुओं को माता सरस्वती के चरणों में रखकर पूजा करने से ज्ञान और कला का आशीर्वाद मिलता है.

सरस्वती पूजा विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन और मानसिक शांति लाती है

सरस्वती पूजा विद्यार्थियों के जीवन में अनुशासन, एकाग्रता और मानसिक शांति का संदेश देती है. माता सरस्वती का सफेद पहनावा और श्वेत कमल यह संदेश देता है कि ज्ञान प्राप्ति के लिए मन का निर्मल, सरल और शांत होना जरुरी है. पूजा के दौरान मन में अनुशासन और सकारात्मक सोच बढ़ती है. जिससे छात्रों को पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है.

सामूहिक पूजा और सामाजिक एकता

देश के कई क्षेत्रों में इस पर्व को सामूहिक रूप से मनाने की परंपरा है. बिहार के स्कूलों, कॉलेजों और संस्थानों में इस दिन सामूहिक पूजा का आयोजन किया जाता है. जो सामाजिक एकता का संदेश देता है.

विधार्थियों के लिए उपाय

  • अपनी कलम और पुस्तक को मां सरस्वती के सामने रखें. पूजा के बाद उसी कलम से अपनी पढ़ाई शुरू करें.
  • सरस्वती पूजा के दिन अपनी पुस्तकों के बीच में या स्टडी टेबल पर मोर पंख रखें. इससे पढाई में मन लगेगा और नकारात्मकता उर्जा दूर होगी.
  • माता को पीले रंग की मिठाई भोग लगाकर, इसे प्रसाद के रूप में ग्रहण करें.
  • ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः मंत्र का 108 बार जप करें.

चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ
Mo- +91 8620920581

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