Aaj Ka Panchang 27 February 2026: आज 27 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार है. पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रात 09 बजकर 48 मिनट तक रहेगी. इसके बाद द्वादशी तिथि हो जाएगी. सूर्योदय कालीन ग्रहों की बात करें तो सूर्य कुंभ राशि में है. चंद्रमा मिथुन राशि उपरांत कर्क राशि में गोचर करेंगे . बुध कुंभ राशि में हैं. मंगल कुंभ राशि में हैं. शुक्र कुंभ राशि में हैं. देव गुरु बृहस्पति मिथुन में हैं, शनि मीन में हैं. राहु कुंभ में और केतु सिंह राशि में मौजूद हैं.
आज का पंचांग 27 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार
तिथि: फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रात 09 बजकर 48 मिनट तक
वार: शुक्रवार.
विक्रम संवत: 2082.
शक संवत: 1947.
सूर्योदय: 06:13 AM.
सूर्यास्त: 05:51 PM.
अयन: उत्तरायण.
ऋतु: शिशिर.
नक्षत्र, योग व करण
नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र दिन 10:24 तक, उसके बाद पुनर्वसु
योग: आयुष्मान योग रात 07:34 तक, उसके बाद सौभाग्य योग.
करण: वणिज उसके बाद विष्टि (भद्रा)
ग्रह स्थिति (सूर्योदय कालीन)
चंद्रमा: मिथुन राशि उपरांत कर्क राशि (रात 3:26 पर )
सूर्य: कुंभ राशि.
गुरु (बृहस्पति): मिथुन राशि.
मंगल: कुंभ राशि.
बुध: कुंभ राशि.
शुक्र: कुम्भ राशि.
शनि: मीन राशि.
राहु: कुंभ राशि.
केतु: सिंह राशि.
आमलकी एकादशी व्रत और शुभ मुहूर्त
आमलकी एकादशी 27 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार को है.
आमलकी एकादशी तिथि प्रारम्भ- 26 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार की रात 12 बजकर 06 मिनट पर
आमलकी एकादशी तिथि समाप्त- 27 फरवरी 2026 दिन शुक्रवार की रात 09 बजकर 48 मिनट तक
आमलकी एकादशी पूजा का शुभ समय- 27 फरवरी 2026 को 06 बजकर 15 मिनट से 09 बजकर 09 मिनट तक
आमलकी एकादशी व्रत पारण का शुभ समय – 28 फरवरी 2026 को 07 बजकर 41 मिनट से 09 बजकर 08 मिनट तक
दिन का चौघड़िया (पटना)
चर (सामान्य): 06:13 AM से 07:40 AM
लाभ (उन्नति): 07:40 AM से 09:07 AM
अमृत (सर्वोत्तम): 09:07 AM से 10:33 AM
काल (हानि): 10:33 AM से 12:00 PM
शुभ (उत्तम): 12:00 PM से 01:27 PM
रोग (अशुभ): 01:27 PM से 02:54 PM
उद्वेग (अशुभ): 02:54 PM से 04:21 PM
चर (सामान्य): 04:21 PM से 05:51 PM
शुभ समय (मुहूर्त)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:39 AM से 12:24 PM.
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:05 PM से 02:50 PM.
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:41 AM से 05:27 AM.
अशुभ समय
राहुकाल: सुबह 10:33 AM से 12:00 PM.
यमगण्ड: दोपहर 02:54 PM से 04:21 PM.
गुलिक काल: सुबह 07:40 AM से 09:07 AM.
दिशाशूल: पश्चिम दिशा (यदि यात्रा आवश्यक हो तो मीठा दही खाकर निकलें).
आज का विशेष योग व उपाय
विशेष: आज आमलकी एकादशी का व्रत है. इसे रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है. आज के दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है.
सरल उपाय: आमलकी एकादशी के अवसर पर आंवले के वृक्ष के नीचे दीप दान करें और भगवान विष्णु को आंवला अर्पित करें. “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें.
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