Rama Ekadashi 2025: रमा एकादशी के दिन करें ये 5 शुभ काम, जानिए इसके अद्भुत लाभ

Rama Ekadashi 2025: रमा एकादशी का व्रत करना बहुत शुभ होता है. माना जाता है इस दिन सिर्फ व्रत रखना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ छोटे-छोटे शुभ कार्य करने से भी पुराने रुके काम पूरे होते हैं. आइए जानते हैं कि रमा एकादशी पर व्रत के साथ और क्या-क्या करना चाहिए.

Rama Ekadashi 2025: ये एकादशी कार्तिक महीने की पहली एकादशी होती है. लोग मानते हैं कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं. इस साल रमा एकादशी का व्रत 17 अक्टूबर 2025 को रखा जाएगा.

5 शुभ कार्य और उनके लाभ

  • काली चींटियों को भोजन दें: रमा एकादशी के दिन काली चींटियों को आटा या चीनी देना बहुत शुभ माना जाता है. ऐसा करने से पुराने रुके हुए काम पूरे होते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है.
  • माता लक्ष्मी को भेंट दें: पूजा के दौरान लक्ष्मी माता को कमल का फूल, मखाना, खीर, बताशा और कौड़ी अर्पित करें. कमल का फूल शांति लाता है, मखाना और खीर धन-संपन्नता का प्रतीक हैं, और कौड़ी लक्ष्मी का रूप मानी जाती है.
  •  जरूरतमंदों को दान दें: भोजन, कपड़े या जरूरी चीजें जरूरतमंदों को देने से पुण्य मिलता है और घर में सुख-शांति आती है.
  • सफेद चीजों का दान करें: चावल, दूध, चीनी जैसी सफेद वस्तुएं दान करने से घर में समृद्धि बढ़ती है और परिवार खुशहाल रहता है.
  •  गृह और मंदिर में विशेष भेंट: मंदिर में भगवान विष्णु को पीले वस्त्र और सफेद मिठाई चढ़ाएं. इसके अलावा पीले कपड़े, मुरली, तुलसी का पौधा, मौसमी फल या कामधेनु गाय की प्रतिमा का दान करना भी शुभ माना जाता है.

रमा एकादशी कब है?

रमा एकादशी 2025 में 17 अक्टूबर को पड़ रही है.

रमा एकादशी का व्रत क्यों रखा जाता है?

इस व्रत को रखने से घर में सुख-शांति, समृद्धि आती है और पुराने रुके हुए काम पूरे होते है.

रमा एकादशी पर कौन सी चीजें दान करनी शुभ होती हैं?

भोजन, कपड़े, चावल, दूध, चीनी, मौसमी फल, और जरूरतमंदों की जरूरी वस्तुएं.

ये भी पढ़ें: Rama Ekadashi 2025: कब मनाई जाएगी रमा एकादशी, 16, 17 या 18 अक्तूबर, जानें सही डेट

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By JayshreeAnand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >