Rakshabandhan 2025:रक्षाबंधन में किस उंगुली से लगाएं तिलक, जानें धार्मिक महत्व और सही तरीका

Rakshabandhan 2025: रक्षाबंधन पर तिलक लगाने का भी विशेष धार्मिक महत्व होता है. शास्त्रों के अनुसार, सही उंगली से तिलक करने से भाई के जीवन में सुख-समृद्धि, लंबी उम्र और सकारात्मक ऊर्जा आती है. जानें इस परंपरा के पीछे का महत्व और तिलक लगाने का सही तरीका.

Rakshabandhan par Tilak Lgane ka Sahi Tarika: आज 9 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है. रक्षाबंधन पर बहनें भाई की कलाई पर राखी बांधने से पहले तिलक करती हैं, जो शुभता और सुरक्षा का प्रतीक है. शास्त्रों में तिलक करने की सही विधि और उंगुली का विशेष महत्व बताया गया है. सही उंगुली से तिलक करने से सौभाग्य, समृद्धि और रिश्तों में मजबूती आती है.

तिलक करने में उंगुलियों का महत्व

  • हिंदू धर्म में प्रत्येक उंगुली का संबंध एक विशेष देवता और ऊर्जा से माना गया है.
  • अंगूठा (Thumb): ब्रह्मा जी का प्रतीक, सृजन शक्ति का द्योतक.
  • तर्जनी (Index Finger): गुरु और ज्ञान का प्रतीक, पूजा में कम प्रयोग होती है.
  • मध्यमा (Middle Finger): शनि देव का प्रतिनिधित्व, स्थिरता का द्योतक.
  • अनामिका (Ring Finger): सूर्य और लक्ष्मी का प्रतीक, शुभ कार्यों के लिए श्रेष्ठ.
  • कनिष्ठा (Little Finger): जल तत्व और चंद्रमा का प्रतिनिधित्व, शांति का द्योतक.

रक्षाबंधन पर सही उंगुली से तिलक

  • रक्षाबंधन पर शास्त्रों के अनुसार, अनामिका उंगुली से तिलक लगाना सबसे शुभ माना गया है. यह उंगुली सूर्य और लक्ष्मी की ऊर्जा से जुड़ी होती है, जो भाई के जीवन में प्रकाश, समृद्धि और दीर्घायु लाती है.
  • तिलक के लिए रोली, चंदन या केसर का प्रयोग करें.
  • तिलक लगाते समय मन में भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें.

तिलक लगाने का सही तरीका

  • पूजा की थाली में रोली, चावल और दीप रखें.
  • अनामिका उंगुली से रोली या चंदन लें.
  • भाई के मस्तक के बीच में ऊर्ध्वाधर (सीधा) तिलक लगाएं.
  • तिलक के बाद अक्षत (चावल) लगाएं और राखी बांधें.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >