Param Ekadashi 2026: परम एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित व्रत है. यह व्रत लगभग तीन वर्षों में एक बार आने वाले ‘अधिक मास’ (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है. वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 11 जून 2026, गुरुवार को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त पूजा करने से घोर दरिद्रता का नाश होता है तथा व्यक्ति को स्वर्ण दान के समान पुण्य प्राप्त होता है.
परम एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और पारण का समय
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 10 जून 2026, दोपहर 12:57 बजे से
- एकादशी तिथि समाप्त: 11 जून 2026, रात 10:36 बजे तक
- मुख्य पूजा का उत्तम मुहूर्त: 11 जून, सुबह 10:36 बजे से दोपहर 02:05 बजे तक
- व्रत पारण का समय: 12 जून 2026, सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे तक
पूजा सामग्री की चेकलिस्ट
- भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र
- गंगाजल
- कच्चा दूध
- चंदन
- कुमकुम
- पीला कपड़ा
- अक्षत
- घी
- दीपक
- कलावा (मौली)
- धूपबत्ती
- कपूर
- तुलसी दल
- पान के पत्ते
- सुपारी
- लौंग
- इलायची
- फूल
- मौसमी फल
- पंचामृत
- मिठाई
कैसे करें पूजा?
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और यदि संभव हो तो पीले रंग के वस्त्र धारण करें. इसके बाद हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. भगवान विष्णु का पंचामृत से अभिषेक करें, फिर चंदन का तिलक लगाकर उन्हें पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें. इसके बाद धूप, दीप और कपूर जलाएं. फिर भगवान विष्णु को फलों और मिठाई का भोग लगाएं. भोग में तुलसी के पत्ते अवश्य शामिल करें. इसके बाद “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करें. फिर भगवान विष्णु सहस्रनाम या परम एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें. अंत में दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करें. रात्रि में जागरण कर भजन-कीर्तन करें. अगले दिन सुबह स्नान और पूजा के बाद शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करें.
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