Mahashivratri 2026 Actual Date: 15 या 16 फरवरी, जानें कब है महाशिवरात्रि, जानें शिव भक्ति से जुड़े रहस्य

Mahashivratri 2026 Actual Date: महाशिवरात्रि 2026 को लेकर भक्तों में असमंजस बना हुआ है कि यह 15 फरवरी को मनाई जाएगी या 16 फरवरी को. इस पावन पर्व पर शिव भक्ति का विशेष महत्व है. जानिए सही तिथि और शिव आराधना से जुड़ी बातें.

By Shaurya Punj | January 13, 2026 10:19 AM

Mahashivratri 2026 Actual Date: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और रहस्यमय पर्वों में से एक मानी जाती है. यह सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भगवान शिव से जुड़ने, आत्मशुद्धि और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा को जागृत करने का विशेष अवसर है. इस दिन देशभर के शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. कोई व्रत रखता है तो कोई पूरी रात जागकर भोलेनाथ की आराधना करता है.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात सच्चे मन से की गई शिव भक्ति जीवन की कई परेशानियों को स्वतः दूर कर देती है. फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व हर साल श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है.

महाशिवरात्रि 2026 कब है? जानिए तारीख और शुभ पूजा समय

साल 2026 में महाशिवरात्रि रविवार, 15 फरवरी को मनाई जाएगी. इस दिन भक्त पूरे दिन उपवास रखते हैं और रात्रि में विशेष पूजा-अर्चना करते हैं.

निशिता काल पूजा मुहूर्त (सबसे शुभ समय)

  • 16 फरवरी 2026, रात 12:24 बजे से 1:13 बजे तक
  • शास्त्रों के अनुसार, निशिता काल में शिव पूजन करने से साधना का फल कई गुना बढ़ जाता है और भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं.

महाशिवरात्रि का महत्व: क्यों कहलाती है शिव-शक्ति के मिलन की रात?

महाशिवरात्रि को लेकर कई पौराणिक कथाएं प्रचलित हैं. एक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने सृष्टि के कल्याण के लिए तांडव नृत्य किया था. वहीं दूसरी कथा के अनुसार, इसी पावन रात्रि को भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था. इसी कारण महाशिवरात्रि को शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक माना जाता है. साल में आने वाली 12 शिवरात्रियों में फाल्गुन महीने की महाशिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व सबसे अधिक बताया गया है. योग शास्त्रों के अनुसार, इस रात पृथ्वी की ऊर्जा ऐसी स्थिति में होती है कि मानव शरीर में ऊर्जा का स्वाभाविक प्रवाह बढ़ जाता है, जिससे ध्यान, साधना और मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी हो जाता है.

महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक और पूजा का विशेष महत्व

इस दिन भगवान शिव के शिवलिंग पर जल, दूध, दही, घी, शहद और बेलपत्र से अभिषेक किया जाता है. विशेष रूप से रुद्राभिषेक का अत्यंत महत्व बताया गया है. मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर रुद्राभिषेक करने से: ग्रह दोष शांत होते हैं, नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

महाशिवरात्रि व्रत और पूजा से क्या मिलते हैं लाभ?

भक्तों का विश्वास है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करने से:

  • जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है
  • दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है
  • मानसिक तनाव और बाधाएं दूर होती हैं

जो लोग जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं या किसी संकट से जूझ रहे हैं, उनके लिए महाशिवरात्रि विशेष फलदायी मानी जाती है. कहा जाता है कि भोलेनाथ इस दिन अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं.

महाशिवरात्रि का संदेश

महाशिवरात्रि हमें धैर्य, त्याग और आत्मशुद्धि का संदेश देती है. यह दिन केवल पूजा-पाठ का ही नहीं, बल्कि अपने भीतर झांकने और नकारात्मक विचारों को त्यागने का भी अवसर है. शिव भक्ति से मन को शांति मिलती है और जीवन को एक नई दिशा प्राप्त होती है.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
15+ वर्षों का अनुभव | ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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