Aak Plant Upay: ग्रह दोष शांत करने से लेकर सुख समृद्धि तक, इस पौधे के हैं कई धार्मिक और ज्योतिषीय फायदे

Aak Plant Upay: आक यानी मदार का पौधा धार्मिक और आयुर्वेदिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है. भगवान शिव और गणेश जी को प्रिय यह पौधा न केवल पूजा-पाठ में उपयोगी है, बल्कि इसके पत्ते, जड़ और दूध कई गंभीर रोगों में लाभकारी माने जाते हैं.

Aak Plant Upay: मदार, जिसे आम बोलचाल में आक का पौधा कहा जाता है, भारतीय संस्कृति में धार्मिक और आयुर्वेदिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. यह वही पौधा है जिसे भगवान शिव और गणेश जी की पूजा में विशेष स्थान प्राप्त है. शास्त्रों के अनुसार आक केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पत्ते, जड़ और दूध कई गंभीर बीमारियों में लाभकारी माने जाते हैं.

आक के पौधे मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं—एक जिसमें बैंगनी रंग के फूल आते हैं और दूसरा जिसमें सफेद फूल होते हैं. आयुर्वेद में सफेद आक को ज्यादा प्रभावशाली माना गया है और इसका उपयोग औषधि के रूप में किया जाता है.

धार्मिक महत्व: ग्रह दोष से लेकर समृद्धि तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफेद आक की जड़ को बुधवार या सोमवार के दिन विधिवत पूजा करके यदि चांदी के ताबीज में धारण किया जाए, तो बुध ग्रह से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं और व्यक्ति की बुद्धि व वाणी में सुधार आता है.

लोकमान्यता यह भी है कि 113 वर्ष पुराने आक के पौधे की जड़ें कई बार भगवान गणेश के स्वरूप में परिवर्तित हो जाती हैं. ऐसी जड़ों की पूजा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है.

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औषधीय गुण: आयुर्वेद का अनमोल खजाना

जोड़ों के दर्द में रामबाण

बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द की समस्या आम है. ऐसे में आक के ताजे पत्तों को हल्की आंच पर गर्म करके दर्द वाले स्थान पर बांधने से राहत मिलती है. चाहें तो पत्तों पर सरसों का तेल लगाकर भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

त्वचा रोगों में लाभकारी

आक के दूध में एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं. हल्दी के साथ मिलाकर इसे दाद, खाज, खुजली, फंगल इन्फेक्शन और एक्जिमा जैसी समस्याओं पर लगाने से आराम मिलता है.

बवासीर में असरदार घरेलू उपाय

बवासीर की समस्या में आक के दूध में हल्दी मिलाकर मस्सों पर लगाने से लाभ होता है. नियमित प्रयोग से छोटे मस्से 7–10 दिनों में ठीक हो सकते हैं, जबकि बड़े मस्सों में थोड़ा अधिक समय लग सकता है.

दांत दर्द में राहत

ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी दांत दर्द के लिए आक के दूध का इस्तेमाल किया जाता है. इसे मसूड़ों पर लगाने से दर्द में तुरंत आराम मिल सकता है.

बांझपन में उपयोग

आयुर्वेद में आक के पत्तों का उपयोग बांझपन की समस्या में भी बताया गया है, लेकिन इसका प्रयोग केवल अनुभवी वैद्य की देखरेख में ही करना चाहिए.

सावधानी बेहद जरूरी

  • आक के पौधे का दूध जहरीला होता है. इसका गलत या अधिक मात्रा में प्रयोग नुकसान पहुंचा सकता है.
  • गर्भवती महिलाएं आक से दूरी बनाए रखें
  • खुले घावों पर सीधे दूध न लगाएं
  • बच्चों की पहुंच से दूर रखें

आक यानी मदार का पौधा धार्मिक आस्था और आयुर्वेदिक ज्ञान का अद्भुत संगम है. सही जानकारी और सावधानी के साथ इसका उपयोग कई शारीरिक समस्याओं में लाभ पहुंचा सकता है.

डिस्क्लेमर: यह जानकारी घरेलू नुस्खों और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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