Holika Dahan 2026: होलिका दहन होली से एक दिन पहले मनाया जाता है. यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इस दिन लोग लकड़ियां और उपले इकट्ठा करके अग्नि प्रज्वलित करते हैं और पूजा करते हैं. मान्यता है कि होलिका की आग में नकारात्मकता, रोग और दुख जलकर समाप्त हो जाते हैं. लेकिन धार्मिक परंपराओं के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें होलिका की अग्नि में नहीं डालना चाहिए, क्योंकि इससे अशुभ प्रभाव पड़ सकता है.
प्लास्टिक और रबर की वस्तुएं न डालें
सबसे जरूरी बात यह है कि होलिका की आग में प्लास्टिक, रबर, पॉलिथीन या कोई भी कृत्रिम (सिंथेटिक) सामान नहीं डालना चाहिए. इन चीजों को जलाने से जहरीला धुआं निकलता है, जो वातावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिए हानिकारक है. इससे प्रदूषण बढ़ता है और आसपास के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है. इसलिए केवल प्राकृतिक और धार्मिक रूप से मान्य सामग्री ही उपयोग करें.
कांच और धातु की चीजें न जलाएं
कांच, लोहे, स्टील या अन्य धातु की वस्तुएं भी होलिका की आग में नहीं डालनी चाहिए. कांच जलने या फटने से चोट लग सकती है. वहीं धातु की चीजें जलती नहीं हैं, बल्कि आग की पवित्रता को प्रभावित करती हैं. धार्मिक दृष्टि से भी इन्हें अग्नि में अर्पित करना उचित नहीं माना गया है.
गंदगी और कचरा डालने से बचें
कुछ लोग घर की सफाई करते समय निकला हुआ कचरा या खराब सामान होलिका में डाल देते हैं. यह सही नहीं है. होलिका दहन कोई कचरा जलाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक धार्मिक अनुष्ठान है. गंदगी डालने से वातावरण भी दूषित होता है और पूजा का महत्व कम हो जाता है. इसलिए केवल सूखी लकड़ी, उपले और पूजा सामग्री ही डालें.
धार्मिक पुस्तकों और तस्वीरों का सम्मान करें
पुरानी धार्मिक किताबें, देवी-देवताओं की तस्वीरें या मूर्तियां होलिका में नहीं जलानी चाहिए. यह आस्था और श्रद्धा के खिलाफ माना जाता है. यदि ऐसी वस्तुएं पुरानी हो गई हों, तो उन्हें सम्मानपूर्वक किसी पवित्र स्थान पर प्रवाहित या सुरक्षित तरीके से विसर्जित करें.
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क्या डालना शुभ माना जाता है
होलिका दहन में सूखी लकड़ी, गोबर के उपले, नारियल, गेहूं की बालियां, नई फसल और पूजा सामग्री डालना शुभ माना जाता है. इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है. सही नियमों का पालन करने से त्योहार का महत्व और भी बढ़ जाता है.
