Ramzan 2026 First Jumma: मुक़द्दस माह-ए-रमज़ान के पहले जुमे के मौके पर राजधानी पटना इबादत और रूहानियत के रंग में रंगा नजर आया. शहर की बड़ी से लेकर मोहल्लों की छोटी मस्जिदों तक अकीदतमंदों की भारी भीड़ रही. रोजेदारों ने पूरे एहतराम और अकीदत के साथ जुमे की नमाज़ अदा की तथा मुल्क में अमन-चैन, तरक्की, भाईचारा और खुशहाली की दुआएं मांगी. फुलवारी शरीफ में नमाज़ियों का सैलाब देखने को मिला, जहां सुबह से ही मस्जिदों की ओर जाने वाले रास्तों पर रौनक बढ़ गई थी.
खानकाह मुजीबिया में सबसे ज्यादा उमड़ी भीड़
फुलवारी शरीफ की ऐतिहासिक और रूहानी पहचान मानी जाने वाली खानकाह मुजीबिया में सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ी. यहां बड़ी संख्या में रोज़ेदार नमाज़ अदा करने पहुंचे. मस्जिद के अंदर की सभी सफें भर जाने के बाद बाहर तक नमाज़ियों की कतारें लग गईं. लाल मियां की दरगाह परिसर स्थित शाही संगी मस्जिद में भी खासी भीड़ रही. बड़ी खानकाह मस्जिद और नया टोला की जामा मस्जिद में भी नमाज़ियों की तादाद इतनी अधिक थी कि लोगों को सड़क किनारे और खुले स्थानों पर भी सफ बनाकर नमाज़ अदा करनी पड़ी.
नया टोला की उरूज आफताब ने रखा पहला रोज़ा
फुलवारी शरीफ के नया टोला की रहने वाली पांच साल की उरूज आफताब ने इस साल अपना पहला रोज़ा रखा और पूरे दिन सब्र और हिम्मत के साथ उसे मुकम्मल किया. सुबह सहरी के वक्त वह परिवार के साथ उठीं, सहरी की और रोज़े की नियत की. घर के लोगों को शुरुआत में भरोसा नहीं था कि इतनी छोटी बच्ची पूरा रोज़ा रख पाएगी, लेकिन उरूज ने बिना किसी शिकायत के दिनभर रोज़ा रखा. शाम को इफ्तार के वक्त पूरा परिवार एक साथ बैठा. उरूज आफताब ने खजूर खाकर अपना पहला रोज़ा खोला. घर का माहौल भावुक और खुशनुमा हो गया. सभी ने उसे दुआओं और आशीर्वाद से नवाजा.
मस्जिदों में रही भारी भीड़
राजधानी के अन्य हिस्सों में भी आस्था का वही आलम देखने को मिला. जामा मस्जिद नया टोला में सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था. मस्जिद-ए-गौसुलवरा जमालउद्दीन चक दानापुर, मखदूम रास्ती नगर मिल्लत कॉलोनी मस्जिद, अपना घराना छोटी खानकाह, कुर्बान मस्जिद ईसापुर, फेडरल कॉलोनी हारूननगर मस्जिद, शकूर कॉलोनी मस्जिद, आशियाना-दीघा रोड मस्जिद, समनपुरा बाजार मस्जिद, पुरानी मस्जिद ईसापुर, नूरी मस्जिद ईसापुर और गौणपूरा मस्जिद सहित दर्जनों मस्जिदों में नमाज़ियों की भारी मौजूदगी रही. हर मस्जिद में रमज़ान की फज़ीलत, सब्र, तक़वा और इंसानियत के पैगाम पर बयान किया गया.
लोगों ने गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी
उलेमा-ए-कराम ने अपने खुत्बों में रमज़ान की अहमियत बयान करते हुए कहा कि यह महीना इबादत, सब्र, खुदा से करीब होने और जरूरतमंदों की मदद का महीना है. उन्होंने रोज़ेदारों को आपसी भाईचारा मजबूत करने, समाज में अमन कायम रखने और नफरत से दूर रहने की नसीहत दी. नमाज़ के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर रमज़ान की मुबारकबाद दी. रमजान का पहला जुमा को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे. फुलवारी शरीफ को संवेदनशील क्षेत्र मानते हुए यहां अतिरिक्त पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मी और दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी. प्रमुख मस्जिदों और चौराहों पर पुलिस गश्ती दल लगातार निगरानी करते रहे.
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