आंजन धाम, जहां माता अंजनी की गोद में विराजे हनुमान

Anjan Dham: झारखंड के गुमला जिले में स्थित आंजन धाम को हनुमानजी की जन्मस्थली माना जाता है. घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसा यह स्थल आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम है.

Anjan Dham: झारखंड के गुमला जिले से लगभग 21 किलोमीटर दूर स्थित आंजन धाम एक प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल है. घने जंगलों, ऊंचे पहाड़ों और शांत वातावरण से घिरा यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है. यह जगह खासतौर पर इसलिए विश्व विख्यात है, क्योंकि मान्यता के अनुसार यहां भगवान हनुमान का जन्म हुआ था.

हनुमान जी की जन्मस्थली

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुमला जिले के आंजन गांव की एक छोटी गुफा में माता अंजनी ने भगवान हनुमान को जन्म दिया था. इसी कारण इस गांव का नाम अंजनी माता के नाम पर आंजन पड़ा. शिव गुफा के पास स्थित इस गुफा में आज भी माता अंजनी की गोद में बाल स्वरूप में विराजमान हनुमान जी की दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है.

कहा जाता है कि माता अंजनी यहीं यज्ञ और पूजा-पाठ करती थीं. यहां 365 शिवलिंग, 365 तालाब और 365 महुआ के पेड़ हुआ करते थे. मान्यता है कि माता अंजनी प्रतिदिन एक महुआ पेड़ से मुंह धोती थीं, एक तालाब में स्नान करती थीं और एक शिवलिंग की पूजा करती थीं. समय के साथ जनसंख्या बढ़ने और अतिक्रमण के कारण इन सबके अवशेष कम हो गए हैं, लेकिन कुछ साक्ष्य आज भी मौजूद हैं.

प्राचीन परंपरा और पूजा पद्धति

आंजन धाम में आज भी प्राचीन परंपराएं जीवित हैं. यहां नागपुरी पद्धति से माता अंजनी और हनुमान जी की पूजा की जाती है. पूजा स्थानीय पहान (पुजारी) द्वारा करवाई जाती है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि जो भी भक्त सच्चे मन से यहां मन्नत मांगता है, उसकी मनोकामना अवश्य पूरी होती है. इसी आस्था के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं.

पहाड़ पर स्थित मुख्य मंदिर

आंजन पहाड़ी की चोटी पर भगवान हनुमान का भव्य मंदिर स्थित है. यह पूरे देश का पहला मंदिर माना जाता है, जहां माता अंजनी की गोद में हनुमान जी बैठे हुए हैं. पहाड़ पर चढ़कर जब भक्त मंदिर तक पहुंचते हैं, तो आसपास के गांवों और हरियाली का मनमोहक दृश्य दिखाई देता है, जो मन को रोमांचित कर देता है.

मंदिर तक पहुंचने के लिए तीन रास्ते हैं. बीच का रास्ता पक्की सीढ़ियों से बना है, जबकि बाईं और दाईं ओर से भी ऊपर जाने के लिए अलग-अलग रास्ते बने हैं. मंदिर परिसर में अंजनी माता, हनुमान जी, राधा-कृष्ण, राम-लक्ष्मण-सीता और भगवान शिव की प्रतिमाएं स्थापित हैं.

गुफाएं और अन्य दर्शनीय स्थल

आंजन धाम में कई प्राचीन गुफाएं और धार्मिक स्थल हैं. यहां 360 शिवलिंग और लगभग उतने ही तालाब मौजूद हैं. आंजन पहाड़ी पर स्थित चक्रधारी मंदिर में आठ शिवलिंग दो पंक्तियों में स्थापित हैं.

मंदिर के नीचे एक सर्प गुफा भी है. पहले यह गुफा बंद थी और अंदर मिट्टी का टीला था, जहां सांप देखे जाते थे. लगभग दो साल पहले इस गुफा का रास्ता खोल दिया गया. यह गुफा 1500 फीट से अधिक लंबी है और अंदर तक जाने का रास्ता बना हुआ है.

प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद

आंजन धाम चारों ओर से हरे-भरे पेड़-पौधों और पहाड़ों से घिरा हुआ है. यहां की शांत वादियां और ठंडी हवा मन को सुकून देती हैं. धार्मिक आस्था के साथ-साथ यह स्थान पिकनिक और प्रकृति प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है. पहाड़ की चोटी से दिखने वाला दृश्य बेहद सुंदर और यादगार होता है.

यात्रा की जानकारी

आंजन धाम गुमला से 21 किमी, रांची से लगभग 120 किमी, लोहरदगा से 50 किमी और सिमडेगा से 100 किमी दूर है. गांव तक पक्की सड़क बनी हुई है और मुख्य मंदिर तक जाने के लिए भी सड़क उपलब्ध है. आने-जाने के लिए टेंपो की सुविधा मिल जाती है.

यहां ठहरने की व्यवस्था नहीं है, इसलिए गुमला में होटल में रुकना बेहतर रहेगा. साथ ही, पानी और खाने-पीने का सामान अपने साथ ले जाना चाहिए, क्योंकि यह पूरा इलाका ग्रामीण क्षेत्र है.

आंजन धाम सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था, इतिहास और प्रकृति का सुंदर संगम है. यहां की पवित्र गुफाएं, प्राचीन मंदिर और हरी-भरी वादियां हर आगंतुक को आध्यात्मिक शांति और सुकून का अनुभव कराती हैं. अगर आप धार्मिक और प्राकृतिक दोनों तरह की यात्रा का आनंद लेना चाहते हैं, तो आंजन धाम आपके लिए एक बेहतरीन स्थान है.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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