Tuti Jharna Shiv Temple: झारखंड के रामगढ़ जिले में स्थित टूटी झरना प्राचीन शिव मंदिर आस्था और रहस्य का अद्भुत संगम है. यह मंदिर राज्य की राजधानी रांची से करीब है और श्रद्धालुओं के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां शिवलिंग पर सालों भर निरंतर जलधारा गिरती रहती है, जो लोगों के लिए आश्चर्य का विषय है.
मंदिर की खास मान्यता
स्थानीय मान्यता के अनुसार, इस मंदिर के शिवलिंग पर किसी व्यक्ति द्वारा जलाभिषेक नहीं किया जाता. कहा जाता है कि मां गंगा स्वयं भगवान शिव का जलाभिषेक करती हैं. शिवलिंग पर लगातार गिरती पानी की धारा को देखकर लोगों के मन में सवाल उठता है कि यह पानी आखिर कहां से आता है. वैज्ञानिकों ने भी इसकी जांच की, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ पाया है. यही कारण है कि मंदिर का रहस्य आज भी बरकरार है.
रहस्यमयी हैंडपंप और नदी
मंदिर के पास एक हैंडपंप लगा हुआ है, जो अपने आप पानी देता रहता है. लोगों को इसे चलाने की जरूरत नहीं पड़ती. यहां आने वाले श्रद्धालु पूजा से पहले इसी पानी से स्नान करते हैं. खास बात यह है कि मंदिर के पास बहने वाली नदी में गर्मी के दिनों में पानी लगभग खत्म हो जाता है, लेकिन हैंडपंप से 24 घंटे पानी गिरता रहता है. यह भी लोगों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है.
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पर्यटन स्थल के रूप में विकास
टूटी झरना मंदिर को धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित किया जा रहा है. दिसंबर और जनवरी के महीनों में यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है. लोग पूजा-अर्चना के साथ-साथ मंदिर के आसपास पिकनिक मनाने भी आते हैं. प्राकृतिक सुंदरता और शांत वातावरण यहां की खास पहचान है.
यहां कैसे पहुंचें?
रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-33) से मंदिर तक पहुंचना आसान है. फोरलेन सड़क के जरिए भी यहां आसानी से जाया जा सकता है. यह मंदिर रामगढ़ से करीब आठ किलोमीटर और कुजू से लगभग पांच किलोमीटर दूर स्थित है.
श्रद्धालुओं की आस्था
यहां आने वाले भक्तों का विश्वास है कि बाबा भोलेनाथ सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी करते हैं. श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन और पूजा के लिए यहां पहुंचते हैं और इस चमत्कारी जलधारा को देखकर भाव-विभोर हो जाते हैं.
