गृह निर्माण में राहु मुख का विचार अवश्य करें, जानें गोरखपुर के आचार्य से जरूरी बातें

Vastu Tips: भवन निर्माण मात्र ईंट और पत्थर का ढांचा खड़ा करना नहीं, बल्कि प्रकृति की ऊर्जाओं के साथ सामंजस्य बिठाने की एक पवित्र प्रक्रिया है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब हम अपनी सपनों की नींव रखते हैं, तो सबसे महत्वपूर्ण निर्णय होता है-भूमि खनन का प्रारंभ.

Vastu Tips: हम भवन निर्माण का विचार कर रहें है, तो सबसे पहले इस बात पर ध्यान देना चाहिए, कि शल्य शोधन एंव नींव के निमित्त भूमि खनन किस दिशा से प्रारम्भ किया जाना चाहिए. क्योंकि नींव खुदाई के समय दिशा का चयन ही गृहस्वामी के भविष्य की सुख-समृद्धि निर्धारित करता है. इस निर्णय के लिए हमें राहु का मुख, पेट और पूछ की स्थिति का ज्ञान करना होगा. क्योंकि सर्पाकार राहु प्रत्येक भूखण्ड में अपना शरीर फैलाये हुए लेटा रहता है. वास्तु शास्त्र के अनुसार भू खनन प्रारम्भ करते समय राहु के शरीर के किसी भाग पर प्रहार हुआ तो गृहस्वामी का अनिष्ट होना लगभग तय होता है. अतः भूखनन का प्रारम्भ वहीं से किया जाये जहां राहु के शरीर का कोई भी हिस्सा न पड़े.

Vastu Tips: अब सवाल उठता है कि, भूखण्ड में राहु की स्थिति कैसे जानें!

गोरखपुर के आचार्य विनोद त्रिपाठी ने बताया कि राहु की स्थिति सूर्य के राशि परिर्वतन के हिसाब से बदलती रहती है. जैसे-सूर्य जब वृषभ, मिथुन और कर्क राशि में होते हैं,तो राहु का मुख भूमि के आग्नेय कोण (दक्षिण और पूर्व दिशाओं के मिलन बिंदु) में होता है. वहीं सूर्य जब सिंह, कन्या और तुला राशि में होते है तो राहु का मुख ईशान कोण (उत्तर और पूर्व दिशाओं के मिलन बिंदु) में होता है. वृश्चिक, धनु और मकर राशि में सूर्य के रहने पर राहु का मुख वायव्य कोण (उत्तर और पश्चिम दिशाओं का मिलन बिंदु ) में होता है. सूर्य जब कुम्भ, मीन और मेष राशि में रहते हैं तो राहु का मुख नैऋत्य कोण (दक्षिण और पश्चिम दिशाओं के मिलन बिंदु) में होता है. राहु का मुख जिस दिशा में होता है, उसके पिछले दो कोणों में क्रमशः पेट व पूंछ होती है.

आचार्य विनोद त्रिपाठी से जानें किस दिशा से प्रारम्भ करें नींव की खुदाई

1-यदि सूर्य वृषभ, मिथुन, कर्क राशि में हो तो गृहभूमि का खनन प्रारम्भ नैऋत्य कोण में करना चाहिए.
2- यदि सूर्य सिंह, कन्या और तुला राशि में हो तो गृहभमि की खुदाई का आरम्भ आग्नेय कोण से करना चाहिए.
3- अगर सूर्य वृश्चिक, धनु और मकर राशि में रहें तो गृहभूमि का खनन ईशान कोण में करना लाभकारी रहता है.
4- जब सूर्य कुम्भ, मीन और मेष राशि में हो तो भवन निर्माण के लिए नींव खनन वायव्य कोण से प्रारम्भ करना चाहिए.

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By Radheshyam Kushwaha

पत्रकारिता की क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है. इस सफर की शुरुआत राज एक्सप्रेस न्यूज पेपर भोपाल से की. यहां से आगे बढ़ते हुए समय जगत, राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान न्यूज पेपर के बाद वर्तमान में प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. ज्योतिष शास्त्र, व्रत त्योहार, राशिफल के आलावा राजनीति, अपराध और पॉजिटिव खबरों को लिखने में रुचि हैं.

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