Ramzan 2026 Date in India: इस्लाम धर्म में रमजान को सबसे पवित्र महीनों में से एक माना जाता है. इसे इबादत, संयम और आत्म-अनुशासन का महीना कहा जाता है. इस पूरे महीने में मुसलमान अल्लाह की खास इबादत करते हैं और अपने व्यवहार, खानपान व जीवनशैली में सादगी अपनाते हैं. रमजान की शुरुआत शाबान महीने की 29वीं रात को चांद दिखाई देने के बाद होती है. अगर उस दिन चांद नजर नहीं आता, तो शाबान के 30 दिन पूरे किए जाते हैं और उसके अगले दिन से रमजान शुरू माना जाता है.
भारत में कब देखा जाएगा रमजान का चांद?
भारत में रमजान का चांद आज, 18 फरवरी 2026 की शाम को देखा जाएगा. उम्मीद है कि 19 फरवरी 2026 से रोजे शुरू हो सकते हैं. बुधवार शाम लगभग 6:15 बजे से 6:45 बजे के बीच हिलाल यानी अर्धचंद्राकार चांद दिखाई दे सकता है. चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही आधिकारिक रूप से रमजान की घोषणा की जाती है.
एदार-ए-शरिया झारखंड की चांद देखने की अपील
एदार-ए-शरिया झारखंड ने रमजान महीने का चांद देखने की अपील की है, मौलाना मो कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है कि 18 फरवरी बुधवार, शाबानुल मोअज्जम 1447 महीने की 29 तारीख है. माह-ए-रमजान का आगमन हो रहा है. संभवतः पवित्र रमजान महीने का चांद बुधवार, 29 शाबानुल मुअज्जम को नजर आ सकता है, इसलिए लोगों से अपील है कि वे चांद देखने का पूरा इंतजाम करें. खासकर चांद को किसी ऊंची जगह से देखने की कोशिश करें.
राज्यभर में तय स्थानों पर होगी चांद देखने की कोशिश
एदार-ए शरिया की ओर से कहा गया है कि आलिम, मस्जिदों के इमाम, रुप्त-ए-हिलाल कमेटियों के इंचार्ज और मस्जिद कमेटियों के अधिकारी भी तैयार रहें. अगर कहीं चांद दिखे तो एदार-ए-शरिया झारखंड इस्लामी मरकज हिंदपीढ़ी, रांची को सूचित करें. इसके लिए मोबाइल नंबर भी जारी किया गया है. कहा गया है कि स्थानीय जिम्मेदार धार्मिक आलिम और सभी जिलों और क्षेत्रीय रुएत-ए-हिलाल सेंटर को भी सूचित करें, ताकि जरूरत पड़ने पर शहादत हासिल की जा सके. मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी ने कहा है कि बुधवार को मगरिब के समय एदार-ए-शरिया के सभी काजी, जिनमें मुख्य काजी मौलाना मुफ्ती मो आबिद हुसैन मिस्बाही, उप काजी मौलाना मुफ्ती मो अनवर निजामी मिस्बाही, मौलाना मुफ्ती मो एजाज हुसैन मिस्बाही, मौलाना मुफ्ती मो फैजुल्लाह मिस्बाही और मुफ्ती, अधिकारी और विद्वान हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार की दरगाह में मौजूद रहेंगे. जबकि मस्जिदों के इमाम, राज्य भर के जिम्मेदार लोग विभिन्न संगठनों, पंचायतों और संस्थाओं के प्रतिनिधि चांद देखने के लिए अपने अपने निर्धारित स्थानों पर मौजूद रहेंगे और चांद देखने की कोशिश करेंगे.
सलाह : अफवाह से बचें
मुस्लिम समुदाय से अपील की गयी है कि वे चांद के मामले में काजीयान-ए-शरियत के फैसले का इंतजार करें. अफवाहों और अफरातफरी से बचने की सलाह दी गयी है.
इन देशों में हो चुकी है घोषणा
इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, फिलीपींस, ओमान, तुर्की और ऑस्ट्रेलिया जैसे कई देशों ने 19 फरवरी से रमजान शुरू होने की घोषणा कर दी है.
रमजान में क्या करते हैं मुसलमान?
रमजान के महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं. सुबह सेहरी के समय भोजन किया जाता है और सूरज डूबने तक कुछ भी खाया-पीया नहीं जाता. शाम को इफ्तार के साथ रोजा खोला जाता है. इस दौरान लोग ज्यादा से ज्यादा नमाज पढ़ते हैं, कुरान शरीफ का पाठ करते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं. रमजान का महीना आत्मिक शुद्धि, धैर्य और भाईचारे का संदेश देता है.
