ऐश वेडनेसडे आज से शुरू, जानें लोग लेंट में क्या छोड़ते हैं

Ash Wednesday 2026: ऐश वेडनेसडे से लेंट की शुरुआत होती है. जानें इस 40 दिन के उपवास काल में लोग क्या त्यागते हैं, क्यों पसंदीदा चीजें छोड़ते हैं और इसका आध्यात्मिक महत्व क्या है.

Ash Wednesday 2026: ईसाई समुदाय का पवित्र महाउपवास काल, जिसे लेंट कहा जाता है, राख बुधवार (ऐश वेडनेसडे) से शुरू हो चुका है. यह 40 दिनों तक चलने वाला आध्यात्मिक समय होता है. इस अवधि का समापन 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे के दिन होगा. इससे पहले 29 मार्च को पाम संडे (खजूर पर्व) मनाया जाएगा और 5 अप्रैल को प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान का पर्व ईस्टर मनाया जाएगा.

राख बुधवार पर क्या किया जाता है?

राख बुधवार लेंट की शुरुआत का दिन होता है. इस दिन चर्च में विशेष प्रार्थना सभाएं आयोजित की जाती हैं. पादरी श्रद्धालुओं के माथे पर राख से क्रॉस का चिन्ह बनाते हैं. यह राख आमतौर पर पिछले वर्ष के पाम संडे की पत्तियों को जलाकर तैयार की जाती है.

माथे पर लगाई जाने वाली राख का अर्थ है कि मनुष्य नश्वर है. इसका संदेश है— “हम मिट्टी से बने हैं और एक दिन मिट्टी में ही मिल जाएंगे. ” यह लोगों को अपने जीवन पर विचार करने और ईश्वर की ओर लौटने की याद दिलाता है.

लेंट का महत्व क्या है?

लेंट आत्मचिंतन, प्रार्थना और पश्चाताप का समय है. यह ईसाइयों को अपने पापों के लिए क्षमा मांगने और जीवन को बेहतर बनाने का अवसर देता है. इस दौरान लोग अधिक प्रार्थना करते हैं, जरूरतमंदों की सहायता करते हैं और सादगी से जीवन जीने की कोशिश करते हैं.

लोग लेंट में क्या छोड़ते हैं?

लेंट के दौरान कई लोग अपनी पसंदीदा चीजें छोड़ देते हैं, जैसे मिठाई, चॉकलेट, टीवी देखना या सोशल मीडिया का उपयोग. कुछ लोग शराब या अन्य बुरी आदतें भी छोड़ने का संकल्प लेते हैं.

ऐसा करने का उद्देश्य खुद पर नियंत्रण सीखना और ईश्वर के करीब आना होता है. जब हम किसी प्रिय चीज को छोड़ते हैं, तो हमें त्याग का महत्व समझ में आता है. इस तरह लेंट का समय आत्मशुद्धि और अच्छे कार्यों के लिए खुद को समर्पित करने का अवसर देता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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