Gold Jewellery Tradition: सोनार गुलाबी रंग के कागज में ही क्यों देते हैं गहने? माता लक्ष्मी की कृपा के मिलते हैं ये संकेत

Gold Jewellery Tradition: जब भी आप सोने के गहने खरीदते हैं, उन्हें गुलाबी कागज में लपेटा जाता है. इसके पीछे केवल परंपरा नहीं, बल्कि सनातन धर्म से जुड़ी शुभता, लक्ष्मी कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का धार्मिक कारण छिपा है.

By Shaurya Punj | January 3, 2026 11:41 AM

Gold Jewellery Tradition: जब भी हम सोने के गहने खरीदते हैं, तो अक्सर ध्यान जाता है कि सोनार उन्हें गुलाबी या हल्के गुलाबी रंग के कागज में ही लपेटकर देते हैं. अधिकतर लोग इसे सिर्फ एक परंपरा या सजावट मानते हैं, लेकिन सनातन धर्म और भारतीय परंपराओं में इसके पीछे गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक अर्थ छिपा हुआ है. आइए जानते हैं इसके धार्मिक कारण.

गुलाबी रंग और शुभ ऊर्जा का संबंध

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुलाबी रंग को शुभता, सौम्यता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. यह रंग लाल और सफेद के मिश्रण से बनता है, जिसमें लाल शक्ति और ऊर्जा का, जबकि सफेद शांति और पवित्रता का प्रतीक है. इसलिए गुलाबी रंग को संतुलित और मंगलकारी माना जाता है. शुभ वस्तुओं को इसी रंग में रखना सकारात्मक ऊर्जा को बनाए रखता है.

सोना और लक्ष्मी जी का संबंध

सनातन धर्म में सोने को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है. लक्ष्मी जी समृद्धि, वैभव और सौभाग्य की देवी हैं. धार्मिक मान्यता है कि लक्ष्मी जी को गुलाबी और लाल रंग प्रिय हैं. ऐसे में सोने के गहनों को गुलाबी कागज में रखना लक्ष्मी तत्व को आकर्षित करता है और धन-समृद्धि में वृद्धि करता है.

नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा

धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि गहने सीधे हाथ में देने या बिना किसी आवरण के रखने से उन पर दृष्टिदोष या नकारात्मक ऊर्जा लग सकती है. गुलाबी रंग का कागज एक प्रकार का ऊर्जा कवच माना जाता है, जो सोने के गहनों को नकारात्मक प्रभाव से बचाता है और उनकी शुभता को सुरक्षित रखता है.

मंगल कार्यों में गुलाबी रंग का महत्व

भारतीय संस्कृति में विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे शुभ संस्कारों में गुलाबी, लाल या पीले रंग का विशेष प्रयोग होता है. सोने के गहने भी अधिकतर इन्हीं मंगल अवसरों पर खरीदे जाते हैं. इसलिए सोनार गुलाबी कागज का प्रयोग करके उसे मंगलता से जोड़ते हैं.

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ग्रहों और ऊर्जा संतुलन से संबंध

ज्योतिष शास्त्र में गुलाबी रंग का संबंध शुक्र ग्रह से माना जाता है, जो वैभव, सौंदर्य और सुख-सुविधाओं का कारक है. वहीं सोना सूर्य और लक्ष्मी तत्व से जुड़ा है. गुलाबी कागज में सोना रखने से सूर्य और शुक्र ऊर्जा का संतुलन बना रहता है, जिससे सौभाग्य में वृद्धि होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोनार द्वारा गुलाबी रंग के कागज में गहने देना सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि शुभता, लक्ष्मी कृपा और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ा एक पवित्र संकेत है. यही कारण है कि आज भी इस परंपरा को श्रद्धा के साथ निभाया जाता है.

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और लोक विश्वासों पर आधारित है.