Diwali Bhog: दिवाली के दिन इन 7 चीजों का लगाएं भोग, माता लक्ष्मी और भगवान गणेश होंगे प्रसन्न, कभी खाली नहीं रहेगा घर

Diwali Bhog: दिवाली आने में अब बस कुछ ही दिन बाकी हैं. इस समय कई लोगों के मन में यह सवाल आता है कि माता लक्ष्मी, भगवान कुबेर और भगवान गणेश को भोग के रूप में क्या चढ़ाना चाहिए ताकि वे प्रसन्न हों और घर पर उनकी कृपा बनी रहे. ऐसे में आइए जानते हैं कुछ विशेष पकवानों के बारे में, जिन्हें आप दिवाली के दिन भोग के रूप में चढ़ा सकते हैं.

Diwali Bhog 2025: दिवाली को दीपावली और रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है. यह त्योहार हर साल भारत में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. दिवाली के दिन मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और भगवान कुबेर की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन लोग खास तौर पर सुबह जल्दी उठकर स्नान करते हैं और पूजा की तैयारियों में लग जाते हैं. भगवान के भोग से लेकर घर की सजावट तक, हर चीज़ का विशेष ध्यान रखा जाता है. शुभ मुहूर्त पर पूजा-अर्चना और भोग लगाने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है. आइए जानते हैं, दिवाली के दिन किन-किन चीजों का भोग अर्पित करना शुभ माना गया है.

दिवाली के दिन किन-किन चीजों का भोग लगाएं

चावल की खीर


माना जाता है कि खीर मां लक्ष्मी को अत्यंत प्रिय है. दिवाली के दिन खीर का भोग लगाने से माता प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है.

लड्डू


इस दिन लड्डू का भोग लगाना बेहद शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि लड्डू भगवान गणेश को अत्यंत पसंद हैं. लड्डू के भोग से विघ्नहर्ता गणेश की कृपा प्राप्त होती है.

धान का लावा


भारत के कुछ हिस्सों, जैसे पश्चिम बंगाल और बिहार में, दिवाली के दिन धान का लावा भोग लगाने की विशेष परंपरा है. ऐसा करने से घर में अन्न की कभी कमी नहीं होती और अन्न-समृद्धि बनी रहती है.

गन्ना


दिवाली के दिन गन्ने का भोग लगाना भी बेहद शुभ माना गया है. यह समृद्धि और मिठास का प्रतीक है.

गुड़ की लापसी


कहा जाता है कि गुड़ की लापसी भगवान कुबेर को अत्यंत प्रिय है. इसलिए इसे दिवाली के भोग में अवश्य शामिल करें. इससे धन और वैभव की वृद्धि होती है.

पंचामृत

दिवाली के दिन पंचामृत का भोग माता को अवश्य अर्पित करें. हिंदू धर्म में पंचामृत को अत्यंत उत्तम भोग माना गया है. लगभग हर पूजा में पंचामृत का प्रयोग किया जाता है.

खिचड़ी

आप चाहें तो दिवाली के दिन खिचड़ी का भोग भी लगा सकते हैं. खिचड़ी को शुभ और सात्त्विक भोग माना गया है. पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में इसे अन्य भोगों के साथ शामिल किया जाता है.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Author: Neha Kumari

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