भारत में इस दिन लगने जा रहा लंबी अवधि वाला चंद्र ग्रहण, 3 घंटे 27 मिनट रहेगा प्रभाव, देश के इन हिस्सों में आएगा नजर

Chandra Grahan 2026: साल का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है. यह चंद्र ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में घटित होगा. इस ग्रहण का अशुभ प्रभाव पांच राशियों पर सीधा पड़ेगा.

By Radheshyam Kushwaha | January 6, 2026 8:05 PM

Chandra Grahan 2026: साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगेगा, इसी दिन देशभर में होली का त्योहार भी मनाया जाएगा. यह खगोलीय घटना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. पंचांग के अनुसार, 3 मार्च की रात होलिका दहन होगा, फिर अगले दिन यानी 4 मार्च को रंग वाली होली खेली जाएगी. यह चंद्र ग्रहण पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र और सिंह राशि में घटित होगा. यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देने वाला है, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा. चंद्र ग्रहण की अवधि करीब 3 घंटे 27 मिनट रहेगी, जिसका प्रभाव होली के पर्व पर देखा जा सकता है. आइए जानते है पटना के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से चंद्र ग्रहण से जुड़ी पूरी जानकारी-

Chandra Grahan 2026: भारत में कहां-कहां दिखेगा चंद्र ग्रहण

साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026 को बंगाल के उत्तरी पूर्वी क्षेत्र के साथ-साथ पूर्वोत्तर के मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम और अरुणाचल प्रदेश में दिखाई देगा, इन जगहों पर रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह है.

Chandra Grahan Time चंद्र ग्रहण का समय क्या है?

भारतीय समयानुसार, 3 मार्च को लगने वाला चंद्र ग्रहण दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर शुरू होगा, इसका समापन शाम 06 बजकर 47 मिनट पर होगा. इस ग्रहण की अवधि 3 घंटे 27 मिनट रहेगी. चंद्र ग्रहण का सूतक काल 9 घंटे पहले सुबह 06 बजकर 20 पर शुरू हो जाएगा.

ज्योतिषाचार्य चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु: से जानिए पटना के अनुसार चन्द्र ग्रहण का समय

  • चन्द्रोदय का समय शाम 05 बजकर 55 मिनट पर
  • चन्द्रोदय के साथ चन्द्र ग्रहण प्रारम्भ शाम 05 बजकर 55 मिनट पर
  • चन्द्र ग्रहण समाप्त शाम 06 बजकर 46 मिनट पर
  • ग्रहण की अवधि – 51 मिनट्स 50 सेकण्ड
  • उपच्छाया से पहला स्पर्श दोपहर 02 बजकर 16 मिनट पर
  • प्रच्छाया से पहला स्पर्श दोपहर 03 बजकर 21 मिनट पर
  • खग्रास प्रारम्भ शाम 04 बजकर 35 मिनट पर
  • परमग्रास चन्द्र ग्रहण शाम 05 बजकर 04 मिनट पर
  • खग्रास समाप्त शाम 05 बजकर 33 मिनट पर
  • प्रच्छाया से अन्तिम स्पर्श शाम 06 बजकर 46 मिनट
  • उपच्छाया से अन्तिम स्पर्श शाम 07 बजकर 52 मिनट
  • खग्रास की अवधि 57 मिनट 27 सेकण्ड
  • खण्डग्रास की अवधि – 03 घण्टे 25 मिनट 17 सेकण्ड
  • उपच्छाया की अवधि – 05 घण्टे 35 मिनट 45 सेकण्ड
  • सूतक काल प्रारम्भ सुबह 09 बजकर 06 मिनट पर
  • सूतक काल समाप्त शाम 06 बजकर 46 मिनट पर

Chandra Grahan Sutak Kaal सूतक काल कब लगता है?

  • चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है.
  • ग्रहण समाप्त होते ही सूतक काल खत्म हो जाता है.
  • चंद्र ग्रहण जिन स्थानों पर दिखाई देता है, वहीं सूतक काल मान्य होता है.
  • चंद्र ग्रहण जहां पर दिखाई नहीं देता है, वहां सूतक का धार्मिक प्रभाव नहीं माना जाता है.

सूतक काल में क्या नहीं करना चाहिए?

  • सूतक काल में पूजा-पाठ और हवन नहीं करना चाहिए.
  • सूतक काल में मंदिर में प्रवेश वर्जित माना जाता है.
  • सूतक काल में भगवान की मूर्ति को स्पर्श नहीं करना चाहिए.
  • सूतक काल में भोजन पकाना और खाना नहीं चाहिए.
  • सूतक काल में शुभ कार्य नहीं करने चाहिए.

चंद्र ग्रहण के दौरान क्या करना चाहिए?

  • ग्रहण काल में ॐ नमः शिवाय मंत्र का जप करें.
  • ग्रहण काल में ॐ चन्द्राय नमः मंत्र का जप करें.
  • ग्रहण काल में महामृत्युंजय मंत्र का जप करें.
  • ग्रहण काल में गायत्री मंत्र का जप करें.
  • ग्रहण काल में ईश्वर का स्मरण करें.
  • ग्रहण काल में भजन-कीर्तन सुन सकते हैं.
  • ग्रहण काल में सकारात्मक विचार रखें.
  • ग्रहण काल में भोजन में तुलसी का पत्ता रखें.

चंद्र ग्रहण का 5 राशियों पर पड़ेगा असर

मेष राशि – यह साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण होगा. चंद्र ग्रहण के प्रभाव से मानसिक बेचैनी बढ़ेगी. भागदौड़ बढ़ेगी. वाणी पर नियंत्रण रखना होगा. खर्चों में इजाफा होगा. धन की बचत कर पाना आपके लिए लगभग नामुमकिन होगा.
उपाय: चंद्र मंत्र का जाप करें.

कर्क राशि- चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव अधिक रहेगा. धन संबंधित नुकसान झेल सकते हैं. आपके खर्च भी बढ़ेंगे. व्यापार में घाटा हो सकता है, इसलिए निर्णय सोच-समझकर लें. क्रोध से नुकसान होगा. मान-सम्मान पर असर पड़ेगा.
उपाय: दूध-चावल का दान करें.

सिंह राशि – चंद्र ग्रहण सिंह राशि में ही घटित होने जा रहा है, इसके प्रभाव से आपको शारीरिक कष्ट मिल सकता है. चोट-दुर्घटना का भय बना रहेगा. यात्रा में सावधानी रखें. आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ सकता है. पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद होने का योग रहेगा. गुप्त शत्रु सक्रिय होंगे. मानसिक दबाव बनेगा.
उपाय: सूर्य को अर्घ्य दें.

वृश्चिक राशि – चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव से आपको शारीरिक कष्ट हो सकता है. रोग-बीमारियों से बचाव रखना होगा. उधार-कर्ज से बिल्कुल दूर रहें. धन लेन–देन में सावधानी रखें. ग्रहण के अशुभ प्रभाव की वजह से तनाव की समस्या हो सकती है.
उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें.

मीन राशि – चंद्र ग्रहण के अशुभ प्रभाव के कारण आपके बनते हुए काम अचानक से बिगड़ सकते हैं. परिवार में तनाव का माहौल बनेगा. संतान पक्ष को लेकर चिंतित रहेंगे. किसी भी कार्य में सफलता हासिल करने के लिए आपको बहुत प्रयास करने होंगे. आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा.
उपाय: विष्णु सहस्रनाम पाठ करें.

चंद्रशेखर सहस्त्रबाहु:
ज्योतिषाचार्य एवं हस्त रेखा विशेषज्ञ
Mo- +91 8620920581

Also Read: Makar Sankranti 2026: मकर संक्रांति पर 23 साल बाद दुलर्भ संयोग, इस दिन से शुरू हो जायेंगे शुभ कार्य, शादी विवाह के लिए 50 मुहूर्त