झारखंड में बार और रेस्टोरेंट चलाने वालों को बड़ी राहत, कोटा सिस्टम होगा खत्म

Relief To Bar and Restaurants: विभाग के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि अगले माह तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. ऐसे में अक्तूबर से यह प्रावधान प्रभावी हो सकता है. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि नयी उत्पाद नीति में खुदरा शराब की बिक्री से कोटा प्रावधान समाप्त कर दिया गया है. अब केवल खुदरा शराब दुकानों के लिए एमजीआर को ही अनिवार्य किया गया है.

Relief To Bar and Restaurants: झारखंड में बीयर बार और रेस्टोरेंट के लिए अब शराब उठाव में कोटा का सिस्टम समाप्त किया जायेगा. बार संचालक अब बाजार की मांग के अनुरूप शराब का उठाव कर सकेंगे. यह आश्वासन उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के संयुक्त सचिव ने शुक्रवार को उनसे मिलने गये झारखंड बार एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल को दिया.

Relief To Bar and Restaurants: एमजीआर के अनुरूप हो सकेगा उठाव

वर्तमान में बार संचालकों के लिए शराब उठाव का न्यूनतम कोटा निर्धारित है. इसके तहत उन्हें बीयर, व्हिस्की, रम का उठाव तय मात्रा में करना होता है. संचालक इस व्यवस्था को समाप्त करने की मांग कर रहे थे. अब कोटा की जगह केवल एमजीआर (निर्धारित न्यूनतम राजस्व की राशि) के अनुरूप शराब का उठाव किया जा सकेगा. उत्पाद विभाग द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है.

अक्तूबर माह से प्रभावी हो सकता है नया नियम

विभाग के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि अगले माह तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी. ऐसे में अक्तूबर से यह प्रावधान प्रभावी हो सकता है. प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि नयी उत्पाद नीति में खुदरा शराब की बिक्री से कोटा प्रावधान समाप्त कर दिया गया है. अब केवल खुदरा शराब दुकानों के लिए एमजीआर को ही अनिवार्य किया गया है.

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अधिकारियों को दी उत्पाद नीति में बदलाव से व्यापार पर असर की जानकारी

बार संचालकों ने खुदरा शराब उत्पाद नीति में किये गये बदलाव से बार संचालन पर पड़ रहे प्रभाव की जानकारी भी अधिकारियों को दी. उन्होंने इसके अनुरूप बार संचालन के नियमों में बदलाव की मांग की. प्रतिनिधिमंडल संघ के अध्यक्ष रंजन कुमार के नेतृत्व में मिला. इसमें अर्पण यादव, बीरेन साहू, आलोक शुक्ला, गुरुचरण सिंह, अनिकेत कुमार, विजय वर्मा और उमेश सिन्हा शामिल थे.

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By Mithilesh Jha

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