क्या है बाॅलीवुड और गैंगस्टर का कनेक्शन, सलमान के बाद शाहरुख खान को क्यों मिली धमकी

Shah Rukh Khan : अंडरवर्ल्ड और बाॅलीवुड कनेक्शन की चर्चा अपने देश में खूब हुई है. चोरी-चोरी चुपके-चुपके जैसी फिल्म को अंडरवर्ल्ड द्वारा फाइनेंस करने और गुलशन कुमार की हत्या जैसी घटनाओं ने इन संबंधों को पुख्ता करने का काम भी किया है. अब एक बार फिर शाहरुख खान और सलमान खान जैसे बड़े नायकों को गैंगस्टर धमका रहे हैं, ऐसे में यह सवाल लाजिमी है कि आखिर बाॅलीवुड एक्टर्स और गैंगस्टर का संबंध क्या है?

Shah Rukh Khan : लाॅरेंस बिश्नोई गैंग के द्वारा सलमान खान को लगातार जान से मारने की धमकी दी जारी है और अब बाॅलीवुड के किंग शाहरुख खान को भी जान से मारने की धमकी दी गई है. धमकियों के इस सिलसिले ने उस दौर की याद ताजा कर दी है, जब बाॅलीवुड एक्टर्स को अंडरवर्ल्ड के डाॅन धमकी दिया करते थे और कई बार तो उनके इशारे पर काम करने के लिए बाॅलीवुड के एक्टर मजबूर भी हो जाते थे.

दाऊद इब्राहिम का नाम इसमें सबसे ऊपर आता है, जिसने ना सिर्फ बाॅलीवुड एक्टर्स को धमकाया, बल्कि कई बार तो उसके साथ कई एक्टर्स के घनिष्ठ संबंध की खबरें भी सामने आईं. अंडरवर्ल्ड के लोग बाॅलीवुड के लोगों से रंगदारी की मांग करते थे और इसी तरह के एक केस में गुलशन कुमार की हत्या सरेआम मुंबई में कर दी गई थी. अब एक बार फिर गैंगस्टर बाॅलीवुड के लोगों पर हावी होने की कोशिश में हैं.

नया बिजनेस माॅडल तैयार करना चाहते हैं गैंगस्टर : मुंबई पुलिस

लाॅरेंस बिश्नोई ने सलमान खान को लगातार जान से मारने की धमकी दी है.

सलमान खान के करीबी मित्र बाबा सिद्दीकी की हत्या अक्टूबर में लाॅरेंस बिश्नोई गैंग के लोगों ने कर दी थी, उस वक्त मुंबई पुलिस की ओर से यह दावा किया गया था कि बिश्नोई गैंग उस जगह को भरना चाहता है, जो दाऊद इब्राहिम के बाद खाली हो गई है. इसी सोच के साथ वह हाई प्रोफाइल लोगों की हत्या करवा रहा है और सलमान खान को जान से मारने की धमकी दे रहा है. उसका उद्देश्य यह कतई नहीं है कि वह काले हिरण को मारने की वजह से सलमान खान से बदला ले, बल्कि वह अपना खौफ कायम करना चाहता है.

मुंबई पुलिस के इस दावे में सच्चाई इसलिए भी प्रतीत होती है क्योंकि बिश्नोई गैंग पंजाब, हरियाणा के बाद मुंबई पहुंच गया है. उसने अपने प्रभाव से विदेश में भी आदमी रख लिए हैं और सलमान खान के साथ अलबम बनाने पर पंजाबी सिंगर एपी ढिल्लन के कनाडा स्थित घर के बाहर फायरिंग भी करवाई. पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला, करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह और एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या इसका प्रमाण है. 

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अंडरवर्ल्ड और बाॅलीवुड का कनेक्शन

एक क्रिकेट मैच के दौरान अनिल कपूर के साथ दाऊद इब्राहिम की वायरल तस्वीर

दाऊद इब्राहिम और उसके पहले के युग में बाॅलीवुड पर अंडरवर्ल्ड का काफी प्रभाव था. अंडरवर्ल्ड के लोग फिल्मों को फाइनेंस करने का काम भी करते थे और अपने लोगों को बाॅलीवुड में सेट भी करवाते थे. धर्मेंद्र, संजय दत्त और गोविंदा जैसे एक्टर को धमकी देने की भी खूब चर्चा हुई, वहीं संजय दत्त के साथ उनके सांठगांठ की बात भी सामने आई थी. जब टी सीरीज के मालिक गुलशन कुमार की 1997 में अबू सलेम ने रंगदारी नहीं देने की वजह से हत्या करवा दी थी. उस वक्त भी  अंडरवर्ल्ड और बाॅलीवुड के संबंधों की खूब चर्चा भी हुई थी. कई अभिनेत्रियों पर भी अंडरवर्ल्ड डाॅन की नजरें रहीं और उनपर पार्टियों में शामिल होने के लिए दबाव देने की बातें भी सामने आती रही हैं. मंदाकिनी और दाऊद इब्राहिम के अफेयर की भी खूब चर्चा हुई थी, हालांकि मंदाकिनी ने हमेशा इससे इनकार किया. ये चंद उदाहरण हैं जो यह बताते हैं कि बाॅलीवुड और गैंगस्टर के बीच संबंधों की बात नई नहीं है. बाॅलीवुड पर कब्जे की कोशिश या उन्हें धमकाकर पैसे वसूलने का काम अंडरवर्ल्ड इसलिए करता है कि उनका धंधा चलता रहे और उनका सितारा भी बुलंद रहे.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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