साल 2024 में ये दो बिहारी गूगल के टॉप ट्रेंड में, पीएम मोदी को टॉप 5 में नहीं मिली जगह

Look Back 2024: साल 2024 लगभग समाप्ति की ओर है, ऐसे में खबरों की दुनिया में सबसे ज्यादा क्या चर्चा में रहा और किस व्यक्ति को लोगों ने सबसे ज्यादा गूगल पर तलाशा,इसकी चर्चा हो रही है. साल के सबसे चर्चित व्यक्ति के आंकड़े चौंकाने वाले हैं

Look Back 2024: साल 2024 में लोकसभा चुनाव हुआ और बीजेपी की सरकार भी बनी. ऐसे में अमूमन सोच यह है कि भारत में गूगल पर सबसे अधिक चर्चा नरेंद्र मोदी की हुई होगी या उन्हें सबसे ज्यादा सर्च किया गया होगा. लेकिन गूगल ट्रेंड्‌स के वार्षिक आंकड़ों को देखें, तो सच्चाई कुछ और ही नजर आती है.

नरेंद्र मोदी नहीं विनेश फोगाट सबसे चर्चित व्यक्ति

विनेश फोगाट

साल 2024 में सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले लोगों में विनेश फोगाट का नाम सबसे ऊपर है, जबकि पीएम मोदी सर्च में टॉप फाइव में जगह नहीं बना पाए हैं. ओलंपिक 2024 में फ्री स्टाइल कुश्ती 50 किलोग्राम की कैटेगरी में विनेश फोगाट ने फाइनल में जगह बनाई थी. लेकिन विनेश फोगाट को मैच से पहले अयोग्य करार दिया गया था. विनेश को अयोग्य ठहराने के पीछे वजह यह थी कि उनका वजन 50 किलोग्राम से कुछ अधिक हो गया था. विनेश फोगाट की ओर से अपील की गई थी, लेकिन उनकी अपील मंजूर नहीं हुई और विनेश को बिना मेडल के ओलंपिक से लौटना पड़ा. हालांकि अगर वह मैच खेलती तो हारने के बावजूद रजत पदक तो पक्का था.

2024 में नीतीश कुमार दूसरे सबसे अधिक सर्च किए गए व्यक्ति

नीतीश कुमार

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें गूगल पर सबसे अधिक सर्च किया गया. नीतीश कुमार को सर्च किए जाने की वजह यह है कि उन्होंने दूसरी बार महागठबंधन से नाता तोड़कर बीजेपी से हाथ मिलाया और नौवीं बार बिहार में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.

2024 में चिराग पासवान को भी खूब किया गया सर्च

संसद के बाहर मिले चिराग और कंगना

देश में 2024 में जिन लोगों की सबसे अधिक चर्चा हुई, उसमें तीसरा नाम लोजपा नेता चिराग पासवान का है. वे पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के बेटे हैं और बिहार की राजनीति में उनकी अच्छी पकड़ है. चिराग पासवान को नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल में कौन सा विभाग मिलेगा और कंगना रनौत के साथ उनके संबंधों को लेकर भी खूब सर्च किया गया.

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हार्दिक पांड्‌या तलाक की वजह से रहे चर्चा में

हार्दिक और नताशा शादी के वक्त

क्रिकेट हार्दिक पांड्‌या चौथे ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें 2024 में खूब सर्च किया गया. हार्दिक पांड्‌या और उनकी पत्नी नताशा के बीच विवाद और फिर उनके तलाक की वजह से हार्दिक पांड्‌या को खूब सर्च किया गया. आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस की कप्तानी रोहित शर्मा के बजाय हार्दिक पांड्‌या को देने की वजह से भी हार्दिक पांड्‌या को लोगों ने अधिक सर्च किया.

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने टॉप 5 में बनाई जगह

पवन कल्याण

आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने 2024 के सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले व्यक्तियों की सूची में टॉप फाइव में जगह बनाई है. आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी जनसेना ने शानदार प्रदर्शन किया और जो भी प्रत्याशी चुनाव लड़ा उसने जीत दर्ज की. पवन कल्याण को बीजेपी का समर्थन प्राप्त है और आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी की सरकार है, जिसमें पवन कल्याण उपमुख्यमंत्री हैं.

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लेखक के बारे में

By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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