India-Canada Conflict : भारत-कनाडा विवाद का व्यापार और निवेश पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना

भारत-कनाडा के बीच गहराते विवाद को देखते हुए दोनों देशों पर गहरा प्रभाव पड़ने की संभावना से इनकार नहीं कया जा सकता.

India-Canada Conflict : वर्ष 1980 के दशक में आरंभ हुआ खालिस्तान आंदोलन वर्षों तक भारत, विशेषकर पंजाब को लहूलुहान करने के बाद 1990 के दशक में जाकर कम हुआ. पर इसे विदेशों में, विशेष रूप से कनाडा में सुरक्षित ठिकाना मिल गया. कनाडा की धरती से आज भी खालिस्तान समर्थक भारत विरोधी अभियान में सक्रिय हैं और उन्हें कनाडा सरकार हवा दे रही है. कनाडा में सक्रिय ऐसे ही एक खालिस्तान समर्थक हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से भारत-कनाडा के रिश्ते बेपटरी हो गये हैं. दोनों देशों के बीच उपजे तनाव को देखते हुए इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता कि इसका दोनों देशों पर गहरा प्रभाव पड़ेगा.

  • वर्तमान में दोनों देशों के बीच लगभग आठ अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार है, यदि तनाव बढ़ता है तो दोनों देशों के बीच व्यापार प्रभावित हो सकता है. हालांकि अभी तक किसी भी देश ने तनाव के प्रतिक्रियास्वरूप कोई शुल्क नहीं लगाया है. कनाडा के व्यापार मंत्री ने हाल ही में यह आश्वासन भी दिया है कि ओटावा भारत के साथ व्यावसायिक संबंधों में व्यवधान उत्पन्न नहीं करेगा. पर विशेषज्ञों की मानें तो यह स्थिति बदल सकती है, जिसका प्रभाव भारत-कनाडा के आर्थिक विकास पर पड़ सकता है.
  • अनिश्चितताओं के जारी रहने की स्थिति में दोनों देशों के व्यवसायी अपने व्यापार को दूसरी जगह ले जाने का सोच सकते हैं. क्योंकि ऐसी स्थिति में उन्हें अपने व्यवसाय को बढ़ाने को लेकर चिंता होगी और इसके लिए उन्हें सोचना पड़ेगा.
  • कनाडा में भारतीय मूल के लगभग 17 लाख लोग रहते हैं, जो कनाडा की कुल जनसंख्या का लगभग चार प्रतिशत हैं. इन लोगों को अपनी सुरक्षा की चिंता सता सकती है.
  • दरार बढ़ने पर दोनों देशों के बीच लोगों की आवाजाही प्रभावित होने की भी संभावना है. कनाडा आने वाले अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों में सबसे अधिक भारत के हैं. वर्ष 2018 से यह स्थिति बरकरार है. परंतु वर्तमान स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों के बीच चिंता बढ़ रही है. इससे कनाडा की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.
  • कनाडा के एशिया पैसिफिक फाउंडेशन के अध्यक्ष जेफ नानकीवेल की मानें, तो किसी भी तरह के वीजा प्रतिबंध व्यापार, पर्यटन और निवेश को गहरे प्रभावित कर सकते हैं.

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Published by: Aarti srivastava

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