Ibrahim Traore: 200 मस्जिद नहीं, स्कूल और अस्पताल बनाएं, जानें किसने ठुकराया सऊदी अरब का ऑफर

Ibrahim Traore: बुर्किना फासो में 64 फीसदी मुस्लिम आबादी है. कुल आबादी 23.6 मिलियन है. इस देश की राजधानी औगाडौगू है. बीते एक दशक से बुर्किना फासो अशांत है. इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक एंड पीस की रिपोर्ट के अनुसार बुर्किना फासो आतंकवाद के मामले में पहले नंबर है पर है. उसके बाद पाकिस्तान और फिर सीरिया हैं.

Ibrahim Traore: इस्लामिक देश बुर्किना फासो के युवा अंतरिम राष्ट्रपति इब्राहीम ट्रोरे इन दिनों खासे चर्चा में हैं. मात्र 36 साल की उम्र में वो ऐसे देशों से सीधा मोर्चा ले रहे हैं जिनका अर्थव्यवस्था में बोलबाला है. हाल ही में उन्होंने कथित रूप से सऊदी अरब के बुर्किना फासो में 200 मस्जिद बनाने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. उन्होंने साउदी अरब से आग्रह किया कि वो उनके देश में बुनियादी जरूरतों को पूरा करे. स्कूल, अस्पताल बनवाए और रोजगार के लिए मौका उपलब्ध कराने में निवेश करे. जिससे उनके देश के लोगों का जीवन स्तर सुधरे और देश आत्मनिर्भर हो सके.

आतंकी हमले में एक साथ 200 की मौत

पश्चिम अफ्रीका का एक छोटा सा देश बुर्किना फासो दो दशक से लगातार स्थानीय उथल-पुथल से जूझ रहा है. लेकिन यह देश सबसे अधिक चर्चा में अगस्त 2024 में आया था, जब अल कायदा से जुड़े एक संगठन ने यहां 200 लोगों मौत के घाट उतार दिया था. ये सभी लोग सेना की चौकी के चारो तरफ खाई खोद रहे थे. उसी समय आतंकी संगठन अल कायदा से जुड़े एक ग्रुप जमात नुसरत अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन (जेएनआईएम) हमला किया. इस हमले में 200 लोग मारे गए और 140 से अधिक घायल हुए थे.

विद्रोहियों और सेना के बीच जंग

बुर्किना फासो में 64 फीसदी मुस्लिम आबादी है. कुल आबादी 23.6 मिलियन है. इस देश की राजधानी औगाडौगू है. बीते एक दशक से ये बुर्किना फासो अशांत है. 2002 में यहां सेना ने तख्ता पलट किया था. इसके बाद से यहां लगातार विद्रोही गुटों का सेना से आमना-सामना होता रहता है. बीते एक दशक में बुर्किना फासो में हजारों लोगों की हत्या की जा चुकी है और 20 लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं. नार्वेजियन शरणार्थी परिषद (एनआरसी) की एक रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष इस देश में 8400 से अधिक लोग मारे गए हैं. जो 2023 में हुई हत्याओं से दोगुना है. इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक एंड पीस की रिपोर्ट के अनुसार बुर्किना फासो आतंकवाद के मामले में पहले नंबर है पर है. उसके बाद पाकिस्तान और फिर सीरिया हैं.

चरम पर है आतंकवाद

ग्लोबल कम्युनिटी इंगेजमेंट एंड रेजिलियंस फंड के अनुसार 2023 में दुनियाभर में आतंकवाद से होने वाली मौतों में से 47 फीसदी बुर्किना फासो में हुई थी. 2007 में ये संख्या सिर्फ 1 फीसदी थी. संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार बुर्किना फासो में जनवरी से जून 2023 के बीच 2775 से अधिक मौते हुई थी. आतंकवाद से जुड़े मामलों की जानकारी देने वाली एक संस्था काउंटर एक्सट्रेमिज्म डॉट कॉम के अनुसार 2024 में बुर्किना फासो में आतंकवाद चरम पर था. क्योंकि इस वर्ष आतंकवाद से मारे जाने वालों की कुल संख्या बीते नौ सालों में मारे गए लोगों के बराबर थी.

कौन हैं इब्राहीम ट्रोरे

8 दिसंबर 2024 को बुर्किना फासो के सैन्य शासक कैप्टन इब्राहीम ट्रोरे ने प्रधानमंत्री आपोलिनायर जोआचिम केलेम डी ताम्बे को बर्खास्त करके सरकार को भंगकर दिया था. इसी के साथ कैप्टन ट्रोरे सबसे कम उम्र के राष्ट्राध्यक्ष बन गए थे. इससे पहले 30 सितंबर को उन्होंने अपने पूर्व साथी लेफ्टिनेंट कर्नल पॉल-हेनरी दामिबा को भी पद से हटा दिया था. इब्राहीम ट्रोरे का जन्म 1988 में हुआ था. वह फ्रांस के पूर्व उपनिवेशों में से एक में तख्ता पलट करने वाले सैन्य अधिकारी के रूप में जाने जाते हैं. हाल ही में सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा फ्रांस से अपने संबंध तोड़ने और रूस से नजदीकी के कारण है. बुर्किना फासो के विकास में उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भी मदद लेने से इनकार कर दिया है. देश को निजी संसाधनों से आत्मनिर्भर बनाने के अपने बोल्ड फैसलों के कारण कैप्टन ट्रोरे चर्चा में हैं. उन्होंने यूरोप को यूरेनियम और गोल्ड के निर्यात पर भी रोक लगा दी है.

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By Amit yadav

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