Goa Night Club Fire : गोवा नाइट क्लब के दोनों मालिकों का पासपोर्ट रद्द, जानिए उनकी स्वदेश वापसी कैसे हुई आसान?

Goa Night Club Fire : वॉरेन एंडरसन, यह नाम याद है? अगर नहीं तो हम बताते हैं कि यह वही व्यक्ति है, जिसकी वजह से भोपाल गैस कांड हुआ, लेकिन उसे सजा नहीं हुई, क्योंकि यह अमेरिकी नागरिक था और हादसे के बाद अपने मुल्क भाग गया . उस वक्त देश में राजीव गांधी की सरकार थी और उनपर यह आरोप भी लगा था कि उसने इतने बड़े कांड के आरोपी को भागने से नहीं रोका. वॉरेन एंडरसन ने दुर्घटना के बाद उसकी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की और उसी तरह की कोशिश गोवा नाइट क्लब के दोनों मालिकों गौरव और सौरभ लूथरा ने भी की है. हादसे के बाद दोनों भाई थाईलैंड फरार हो गए हैं .

Goa Night Club Fire : गोवा नाइट क्लब में पिछले सप्ताह 7 दिसंबर को लगी आग के बाद बुधवार देर रात को सरकार ने क्लब के दोनों मालिकों गौरव और सौरव लूथरा के पासपोर्ट को रद्द कर दिया है. सरकार के इस कदम के बाद दोनों अपराधी जल्दी ही सरकार की गिरफ्त में होंगे, ऐसी उम्मीद की जा रही है. जानकारी के अनुसार 7 दिसंबर को जिस वक्त आग लगी उसके कुछ ही देर बाद दोनों भाइयों ने थाईलैंड भागने के लिए टिकट बुक किया और देश छोड़कर फरार हो गए. अब जबकि सरकार ने उनका पासपोर्ट रद्द कर दिया है, दोनों भाइयों पर सरकार का शिकंजा कस गया है. इस दुर्घटना में 25 लोगों की मौत हुई थी. आइए समझते हैं, पासपोर्ट रद्द करने के बाद इन दोनों भाइयों पर क्या होगा प्रभाव और सरकार कैसे इन दोनों पर अपनी पकड़ मजबूत करेगी, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके.

क्या होता है पासपोर्ट, इसके फायदे क्या हैं ?

पासपोर्ट एक आधिकारिक दस्तावेज है, जो आपकी पहचान साबित करता है. पासपोर्ट एक ऐसा दस्तावेज है जिसके जरिए यह बात साबित होती है कि आप किस देश के नागरिक हैं. यह दस्तावेज सरकार द्वारा जारी किया जाता है. पासपोर्ट जारी करने का अधिकार विदेश मंत्रालय के पास होता है. अगर आप विदेश यात्रा पर हों और आपको किसी देश में प्रवेश करना हो, तो पासपोर्ट एक लीगल डाॅक्यूमेंट है, जिसके जरिए आप किसी दूसरे देश में प्रवेश कर सकते हैं. कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि पासपोर्ट एक ऐसा आधिकारिक दस्तावेज है जिसकी मदद से आप विदेश यात्रा कर सकते हैं, किसी देश का वीजा प्राप्त कर सकते हैं और विदेश में पढ़ाई के लिए भी पासपोर्ट की जरूरत होती है.

क्रम संख्यापासपोर्ट के फायदेविवरण
1अंतरराष्ट्रीय यात्रा किसी भी देश में जाने, आने और सीमा पार करने के लिए पासपोर्ट अनिवार्य दस्तावेज है.
2वीजा प्राप्त करनादूसरे देशों का वीजा पासपोर्ट पर ही जारी होता है; यह वीजा प्रक्रिया का मुख्य आधार है.
3अंतरराष्ट्रीय पहचान यह विदेश में आपकी आधिकारिक पहचान और नागरिकता का प्रमाण है.
4विदेश में आपातकालीन सहायताविदेशी देश में परेशानी होने पर भारतीय दूतावास पासपोर्ट के आधार पर मदद करता है.
5विदेशी शिक्षा विश्वविद्यालय प्रवेश, स्कॉलरशिप, वीजा इंटरव्यू आदि में पासपोर्ट आवश्यक होता है.
6विदेश में नौकरी Gulf, USA, Europe आदि में जॉब पाने और वर्क वीजा के लिए पासपोर्ट जरूरी होता है.

पासपोर्ट रद्द कर दिया जाए, तो क्या होगा असर ?

अगर किसी व्यक्ति का पासपोर्ट रद्द कर दिया जाए, तो सबसे पहला प्रभाव जो स्पष्ट तौर पर देखा जा सकता है कि वह व्यक्ति विदेश यात्रा नहीं कर पाएगा. इसकी वजह यह है कि जैसे ही पासपोर्ट रद्द होता है, विदेश यात्रा पर जाने वाले  व्यक्ति को एयरपोर्ट इमिग्रेशन इजाजत नहीं देगा. इसकी वजह यह है कि पासपोर्ट रद्द होने से आपकी एक नागरिक के तौर पर पहचान समाप्त हो जाती है और ऐसे में विदेश यात्रा की अनुमति नहीं मिल सकती है. 

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दूसरी स्थिति यह है कि अगर आप विदेश में हैं और आपका पासपोर्ट रद्द कर दिया जाता है, तो आपको अपने देश वापस आने में समस्या हो सकती है. इसकी वजह यह है कि जब सरकार पासपोर्ट रद्द कर देती है, तो वह विदेश में मान्य नहीं रह जाता है. ऐसे में आगे की यात्रा बहुत मुश्किल हो जाती है. ऐसे में भारतीय दूतावास से मदद लेनी होती है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई संभव है. पोसपोर्ट रद्द होते ही किसी देश में रहने की अनुमति या जिसे हम वीजा कहते हैं, वो स्वत: समाप्त हो जाता है. पासपोर्ट एक्ट, 1967 के अनुसार  जब किसी पासपोर्ट को  रद्द कर दिया जाता है, तो उसे सरकार के पास जमा कराना जरूरी होता है,अन्यथा कानूनी कार्रवाई हो सकती है. 

क्यों रद्द किया जाता है पासपोर्ट?

पासपोर्ट एक्ट 1967 के अनुसार विदेश मंत्रालय के पास पासपोर्ट को रद्द करने और जब्त करने का अधिकार है. एक्ट की धारा 10(3) के तहत  पासपोर्ट को जब्त या रद्द किया जा सकता है. सरकार के पास अगर गलत जानकारी दी जाए या जानकारी छुपाई जाए, खासकर आपराधिक रिकाॅर्ड तो पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है. गलत तरीके से पासपोर्ट प्राप्त करने की कोशिश, राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरा, देश की एकता और अखंडता पर खतरा और आपराधिक मुकदमे में दोषी सिद्ध होने पर पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है. इसके अलावा अगर कोई आपराधिक मामला आप पर चला  रहा हो, तब भी पासपोर्ट रद्द किया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Author: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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