Budget : इस बजट में सबसे बड़ी घोषणा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का विस्तार है

Semiconductor Mission : नौकरियों, कौशल विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, किसानों के लिए एआइ और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करके, बजट आय, रोजगार और मूल्य स्थिरता के बारे में रोजमर्रा की चिंताओं को स्वीकार करता है.

आप इस वर्ष के केंद्रीय बजट को किस रूप में परिभाषित करेंगे. यह ‘राहत बजट’ है, ‘विकास बजट’ है या कुछ और?

यह मुख्य रूप से अर्थव्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार करनेवाला एक दीर्घकालिक विकास-उन्मुख बजट है. इसमें सीमित राहत दी गयी है, क्योंकि यह राजकोषीय समेकन के पथ पर बने रहते हुए पूंजीगत व्यय, सेमीकंडक्टर, एआइ, हरित विकास और युवाओं पर केंद्रित खर्च को दोगुना करता है.


यह बजट आम नागरिक की रोजमर्रा की चिंताओं को किस हद तक समझता है?

नौकरियों, कौशल विकास, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, किसानों के लिए एआइ और शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करके, बजट आय, रोजगार और मूल्य स्थिरता के बारे में रोजमर्रा की चिंताओं को स्वीकार करता है.

वे कौन-से शीर्ष पांच क्षेत्र हैं, जिन्हें तत्काल लाभ मिलने की उम्मीद है?

ये शीर्ष पांच क्षेत्र हैं- सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, बुनियादी ढांचा और निर्माण, रक्षा और एयरोस्पेस, एग्री-टेक और ग्रामीण सेवाएं, डिजिटल/ एआइ सेवाएं और स्टार्टअप.

आपकी दृष्टि में बजट की सबसे बड़ी घोषणा क्या है?

सबसे बड़ी घोषणा इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का विस्तार है.

बजट को लेकर शेयर बाजार में निराशा का क्या
कारण है?

शेयर बाजार की निराशा मुख्य रूप से किसी बड़ी प्रत्यक्ष कर कटौती या नाटकीय विनिवेश कदमों की कमी से उपजी है. पर शेयर बाजार के वापसी करने की संभावना है.

बजट विकास और राजकोषीय अनुशासन के बीच संतुलन बनाने का लक्ष्य रखता है. यह संतुलन कितना वास्तविक है?
उच्च पूंजीगत व्यय और तकनीक के माध्यम से विकास को लक्षित करना, जबकि राजकोषीय समेकन के प्रति प्रतिबद्ध रहना. हालांकि, इसे पटरी पर रखने के लिए सब्सिडी और ऑफ-बजट देनदारियों पर कड़ा नियंत्रण रखना होगा.


बुनियादी ढांचे और पूंजीगत व्यय पर जोर जारी है. आप इसे कैसे देखते हैं?


यह स्वागत योग्य है. यह लॉजिस्टिक्स में सुधार करता है. विनिर्माण समूहों का समर्थन करता है और रोजगार पैदा करता है. भले रोजगार सृजन मध्यम अवधि का हो. कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के संदर्भ में : एआइ-आधारित ‘भारत विस्तार’ प्रणाली और बागवानी कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना है. तकनीक कृषि को कितना लाभ पहुंच सकता है? क्या कोई तत्काल प्रभाव पड़ेगा?
‘भारत विस्तार’ जैसे एआइ उपकरण फसलों, मौसम और कीमतों पर व्यक्तिगत सलाह तक पहुंच में तेजी से सुधार कर सकते हैं, जिससे जोखिम कम होगा. हालांकि, तात्कालिक लाभ सीमित हो सकते हैं.


देश के 15,000 स्कूलों में एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब और उच्च शिक्षा के लिए हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल का प्रस्ताव, क्या यह युवा शक्ति को विकसित भारत के लिए तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है?

यह रचनात्मक और डिजिटल कौशल को व्यापक बनाने और उच्च शिक्षा तक महिलाओं की पहुंच में सुधार करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है. अगर इस पर पूरी तरह से अमल हुआ, तो यह देश में प्रतिभाओं की कतार को मजबूत कर सकता है.


कौशल विकास और नयी तकनीकों (एआइ, ग्रीन जॉब्स, डिजिटल इकोनॉमी) के संबंध में, क्या बजट में की गयी घोषणाएं रोजगार पैदा करने में सक्षम लगती हैं?


यदि इन्हें सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स से जोड़ा जाता है, तो ये सार्थक रोजगार पैदा कर सकती हैं.


क्या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कोई ठोस संकेत दिखता है?


सरकारी नौकरियों के इच्छुकों को बजट में प्रत्यक्ष भर्ती के वादों के बजाय अप्रत्यक्ष समर्थन (जैसे, बेहतर परीक्षा इकोसिस्टम और क्षेत्रीय हॉस्टल) अधिक मिला है.


भारत के ‘नॉलेज इकोनॉमी’ बनने की आकांक्षा के संदर्भ में आप उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए आवंटन को कैसे देखते हैं?


उच्च शिक्षा और अनुसंधान आवंटन, जब सेमीकंडक्टर, एआई, स्वास्थ्य और हरित प्रौद्योगिकियों के साथ जुड़ते हैं, तो यह देश के नॉलेज इकोनॉमी बनने के दावे को मजबूत करते हैं.

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By अभिजीत मुखोपाध्याय

अभिजीत मुखोपाध्याय is a contributor at Prabhat Khabar.

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