गाजा में हिंसा पर चिंता

Situation in Gaza : दरअसल मंगलवार को इस्राइल द्वारा दोबारा शुरू किये गये हवाई हमले में 400 से अधिक फिलीस्तीनी मारे गये थे. इसे संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे घातक हमला बताया गया है.

situation in Gaza : भारत ने गाजा की गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए वहां मानवीय मदद बरकरार रखने का आह्वान करने के साथ-साथ बंधक बनाये गये सभी लोगों को रिहा करने की जरूरत पर जिस तरह बल दिया है, उसे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच सार्थक हस्तक्षेप की तरह देखा जाना चाहिए. विदेश मंत्रालय की तरफ से यह चिंता इस्राइल के विदेश मंत्रालय की तरफ से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे के बीच जतायी गयी. बेशक भारतीय प्रतिक्रिया में हमास और इस्राइल का नाम लेने से परहेज किया गया, लेकिन इससे स्पष्ट है कि भारत वहां की स्थिति पर नजर रखे हुए है.

दरअसल मंगलवार को इस्राइल द्वारा दोबारा शुरू किये गये हवाई हमले में 400 से अधिक फिलीस्तीनी मारे गये थे. इसे संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे घातक हमला बताया गया है. उसके अगले दिन इस्राइल ने गाजा के उत्तरी हिस्से में जमीनी सैन्य अभियान भी शुरू कर दिया. इस तरह 19 जनवरी से चले आ रहे उस युद्धविराम का अंत हो गया, जो अमेरिका, मिस्र और कतर की मध्यस्थता से हुआ था. दरअसल इस्राइल और हमास के बीच हुए युद्धविराम समझौते में तीन चरण शामिल थे और दूसरे चरण पर करीब छह सप्ताह पहले बातचीत शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इसके पक्ष में नहीं थे.

नेतन्याहू का कहना है कि हमास के खात्मे और सभी बंधकों की मुक्ति से पहले इस्राइल चैन से नहीं बैठेगा. जबकि अक्तूबर 2023 में इस्राइल पर हमले से इस संघर्ष की शुरुआत करने वाले हमास का कहना है कि इस्राइल द्वारा हवाई हमले फिर से शुरू तकने के बावजूद उसकी तरफ से बातचीत के दरवाजे खुले हुए हैं. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, मंगलवार से जारी हमलों में अब तक गाजा में 436 लोग मारे गये हैं और वहां मौत का कुल आंकड़ा 61,700 से भी ज्यादा हो चुका है. दूसरी ओर, हमास के हमले में 1,100 से ज्यादा इस्राइली मारे गये हैं.

सिर्फ यही नहीं कि गाजा पर इस्राइली हमले में संयुक्त राष्ट्र के एक कर्मचारी की मौत हो गयी और पांच घायल हो गये, बल्कि हमास की कैद में इस्राइल के जो 59 बंधक बताये जा रहे हैं, उनके परिजन भी दोबारा हमले शुरू होने से डरे हुए हैं. युद्धविराम समझौते के टूटने और गाजा में अमानवीय स्थितियों के मद्देनदर इस संघर्ष पर अंकुश लगाना मानवता का तकाजा है.

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