जम्मू-कश्मीर का विकास

नयी विकास परियोजनाओं पर 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आयेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जम्मू-कश्मीर में 220 परियोजनाओं का शिलान्यास प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय है. इन परियोजनाओं पर 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आयेगा. जम्मू-कश्मीर में इस वर्ष की अपनी पहली यात्रा में जिन परियोजनाओं के प्रारंभ की घोषणा प्रधानमंत्री मोदी ने की है, वे स्वास्थ्य, शिक्षा, रेल, सड़क, विमानन, पेट्रोलियम, नागरिकों की सुविधाओं से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर आदि से संबंधित हैं. प्रदेश के भीतर और शेष भारत से आवागमन सुगम करने की दिशा में उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना एक बड़ी पहल है. इसके अंतर्गत निर्मित बारामुला-श्रीनगर-बनिहाल-संगलदान सेक्शन पर पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री मोदी ने किया है. इस रेलमार्ग की लंबाई 185.66 किलोमीटर है और इसमें 20 स्टेशन हैं. यातायात सुविधाओं में विस्तार की प्रशंसा जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने भी की है. उन्होंने कहा है कि विभिन्न मार्गों के बनने से लोगों, पर्यटकों तथा व्यवसायियों को बहुत लाभ होगा. प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में जम्मू-कश्मीर में विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास हुआ है और जैसा कि उन्होंने स्वयं रेखांकित किया है, 2019 में अनुच्छेद 370 के हटाये जाने के बाद योजनाओं एवं कार्यक्रमों को बड़ी गति मिली है. आज प्रदेश में दो आईआईटी और दो एम्स स्थापित हो चुके हैं.

मेडिकल कॉलेजों की संख्या चार से बढ़कर 12 हो चुकी है, 45 नर्सिंग एवं पारामेडिकल कॉलेज हैं और 50 नये डिग्री कॉलेज बने हैं. प्रदेश में वाल्मीकि समुदाय को अनुसूचित जाति श्रेणी तथा चार समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करना सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है. जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन का महत्वपूर्ण स्थान है. धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले इस प्रदेश में पिछले वर्ष दो करोड़ पर्यटक आये थे. कुछ वर्षों से सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी तथा प्रशासन की लोगों से निकटता के कारण प्रदेश में हिंसा एवं आतंकवाद की घटनाओं में भारी कमी आयी है तथा अलगाववादी गतिविधियों पर अंकुश लगा है. विकास कार्यों, समावेशी योजनाओं एवं कल्याण कार्यक्रमों के कारण सरकार में लोगों का भरोसा बहुत बढ़ा है. अलगाववादी गतिविधियों तथा आतंकवादी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी की यह सबसे बड़ी वजह है. जम्मू-कश्मीर में शांति एवं विकास को देखते हुए अनेक भारतीय कंपनियों ने निवेश किया है या ऐसी इच्छा जतायी है. प्रधानमंत्री मोदी ने खाड़ी देशों की अपनी हालिया यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा है कि समूचे विश्व की निगाह जम्मू-कश्मीर पर है और विदेशी लोग भी निवेश के इच्छुक हैं. निश्चित रूप से सरकार के प्रयासों तथा लोगों की भागीदारी से जम्मू-कश्मीर शांत एवं समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर है.

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