रक्षा मंत्रालय का सराहनीय कदम

रक्षा मंत्रालय की इस घोषणा का स्वागत होना चाहिए कि 2021 से देशभर में फैले 28 सैनिक स्कूलों में अब लड़कियां भी दाखिला ले सकेंगी. उन्हें 20 प्रतिशत तक आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है. 19 नये सैनिक स्कूलों को खोलने का काम चल रहा है. पहला सैनिक स्कूल आज से 58 साल पहले […]

रक्षा मंत्रालय की इस घोषणा का स्वागत होना चाहिए कि 2021 से देशभर में फैले 28 सैनिक स्कूलों में अब लड़कियां भी दाखिला ले सकेंगी. उन्हें 20 प्रतिशत तक आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है.
19 नये सैनिक स्कूलों को खोलने का काम चल रहा है. पहला सैनिक स्कूल आज से 58 साल पहले सतारा महाराष्ट्र में खोला गया था. तब से लेकर आजतक इसमें लड़कों का ही एकाधिकार रहा है. अब जाकर लड़कियों को उन स्कूलों में दाखिला लेने की अनुमति दी गयी है.
बहुत ही सराहनीय कदम है. बेटियां जब फौज से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी सफलता का परचम लहरा रहीं हैं, तो फिर सैनिक स्कूलों से उन्हें दूर रखने का कोई तुक नहीं बनता. प्रायोगिक परियोजना के तहत मिजोरम में पिछले वर्ष ही लड़कियों का छठी कक्षा में दाखिला लिया जा चुका है. आशा करता हूं कि पढ़ाई के मामले में भी बेटियां, बेटों को पीछे छोड़ देंगी.
जंग बहादुर सिंह, गोलपहाड़ी, जमशेदपुर

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >