लोगों को बीमार कर रहा मोबाइल का बढ़ता प्रचलन

आजकल हर आदमी की जीवनशैली काफी व्यस्त हो गयी है. हम सब जानते हैं कि मोबाइल के बिना एक पल नहीं रह सकते. खासकर युवा वर्ग और छोटे बच्चों की लत इंटरनेट की दुनिया में छा गये हैं. हम यह समझ नहीं पाते हैं कि हमारे ब्रेन से जो सिग्नल निकलते हैं वह मोबाइल का […]

आजकल हर आदमी की जीवनशैली काफी व्यस्त हो गयी है. हम सब जानते हैं कि मोबाइल के बिना एक पल नहीं रह सकते. खासकर युवा वर्ग और छोटे बच्चों की लत इंटरनेट की दुनिया में छा गये हैं.

हम यह समझ नहीं पाते हैं कि हमारे ब्रेन से जो सिग्नल निकलते हैं वह मोबाइल का खराब रेडिएशन उलटी दिशा में घुमा देता है. इससे हमारी सोच सही समय पर काम नहीं कर पाती है. इस बात से हम बिल्कुल बेफिक्र होते हैं कि रेडिएशन भी कोई चीज होती है, जबकि इसके रेडिएशन के कारण ही समय से पहले बाल सफेद होने, झड़ने, ब्लड प्रेशर बढ़ने, हृदय रोग होने यहां तक कि कैंसर होने की भी संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं.

हालांकि रेडिएशन को रोक तो नहीं सकते, परंतु इसे नियंत्रित अवश्य कर सकते हैं. आज हमलोगों की स्थिति ऐसी है कि खाना मिले या न मिले फर्क नहीं पड़ता, लेकिन मोबाइल के बिना एक घंटा भी रहना कष्टकर महसूस होता है.

संजय कुमार, मोतिहारी

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