साइबर क्राइम का गढ़ जामताड़ा

ऐसा कोई दिन खाली नहीं जाता, जब साइबर क्राइम से जुड़े मामले में विभिन्न राज्यों की पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में जामताड़ा नहीं पहुंचती. इस जिले के युवाओं में साइबर क्राइम से पैसे कमाने की बेचैनी धंधा अब प्रोफेशनल बन चुकी है. पढ़े-लिखे युवाओं की संलिप्तता इस तरह के अपराध में बढ़ चुकी है. […]

ऐसा कोई दिन खाली नहीं जाता, जब साइबर क्राइम से जुड़े मामले में विभिन्न राज्यों की पुलिस साइबर अपराधियों की तलाश में जामताड़ा नहीं पहुंचती. इस जिले के युवाओं में साइबर क्राइम से पैसे कमाने की बेचैनी धंधा अब प्रोफेशनल बन चुकी है.
पढ़े-लिखे युवाओं की संलिप्तता इस तरह के अपराध में बढ़ चुकी है. एक रिपोर्ट के अनुसार बीते आठ महीने में लगभग 450 मामले साइबर ठगी के दर्ज हो चुके हैं. जामताड़ा जिले से सटे गिरिडीह, देवघर, दुमका और संताल क्षेत्र पाकुड़ के कुछ युवा साइबर क्राइम को अंजाम दे रहे हैं. बावजूद इसके हैरान करने वाली बात है कि अब महिलाएं भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल होकर साइबर ठगी कर रहीं है.
ऐसे बहुत सारे परिवार हैं, जो साइबर क्राइम को अपराध नहीं समझते, बल्कि एक जरिया मानते हैं पैसे कमाने का. ऐसे में जब तक समाज के लोग जागरूक नहीं हो जाते, तब तक साइबर ठगी के मामले खत्म नहीं होंगे.
गौरव गोस्वामी, जामताड़ा

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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