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devgarh

  • Apr 15 2019 6:58AM

पहले लोकसभा चुनाव में संताल परगना के थे चार सांसद, 1962 से गोड्डा संसदीय सीट आया अस्तित्व में

पहले लोकसभा चुनाव में संताल परगना के थे चार सांसद, 1962 से गोड्डा संसदीय सीट आया अस्तित्व में
संजीत मंडल
देवघर, गोड्डा, दुमका जिला पूर्णिया और हजारीबाग संसदीय सीट से जुड़ा था
 
देवघर : आजाद भारत के पहले चुनाव में यानी 1951 के चुनाव में संताल परगना के लोगों का संसदीय सीट कौन सा था. तो जानिये, संताल परगना प्रमंडल का संसदीय सीट 'पूर्णिया सह संताल परगना' और 'संताल परगना सह हजारीबाग' था. तब दो जेनरल और दो अनुसूचित जनजाति केटेगरी से सांसद चुने जाते थे. यानी देश आजाद होने के बाद जो पहला आम चुनाव हुआ इसमें संताल परगना से चार सांसद चुने गये थे. पूर्णिया सह संताल परगना के सामान्य सीट से पहली बार भागवत झा आजाद कांग्रेस से और एसटी से जुझार सोरेन पॉल जेएचपी से चुने गये थे. 
 
भागवत झा आजाद ने जेएचपी के उम्मीदवार सुधीर हांसदा को हराया था. वहीं संताल परगना सह हजारीबाग से जेनरल में देवघर के रहनेवाले कांग्रेस के रामराज जेजवाड़े ने निर्दलीय बरियार हेंब्रम को हराया था और एसटी केटेगरी में  कांग्रेस के लाल हेंब्रम ने निर्दलीय उम्मीदवार सुरेश चंद्र चौधरी को हराया था. इस बीच पूर्णिया सह संताल परगना संसदीय सीट में एसटी केटेगरी में उपचुनाव 1952 में हुआ. जिसमें जेेके पार्टी से एच बेंजमीन ने निर्दलीय एम डेविड को हराया था.
 
चारों सीट के लिए हुआ था कड़ा मुकाबला
 
पूर्णिया सह संताल परगना के हुए पहले चुनाव में जेनरल सीट पर कांग्रेस के भागवत झा आजाद ने जेएचपी उम्मीदवार सुधीर हांसदा को 44,801 वोट से हराया था. वहीं, एसटी सीट पर जेएचपी के जुझार सोरेन पॉल ने कांग्रेस के नारायण सोरेन को 306 वोट से मात दी थी. इसी प्रकार संताल परगना सह हजारीबाग संसदीय सीट के जेनरल में कांग्रेस के रामराज जेजवाड़े  ने निर्दलीय बरियार हेंब्रम को 24,318 वोट से हराया था और एसटी सांसद के रूप में कांग्रेस के लाल हेंब्रम ने निर्दलीय सुरेश चंद्र चौधरी को 56957 वोट से शिकस्त दी थी.

दूसरे लोस चुनाव में दुमका-राजमहल संसदीय सीट बना
 
देश के दूसरे आम चुनाव में दुमका और राजमहल अलग संसदीय सीट बना. पहली बार दुमका और राजमहल में लोकसभा का चुनाव हुआ. आजाद भारत के दुमका संसदीय सीट से पहले सांसद जेनरल से सुरेश चंद्र चौधरी(जेएचपी) चुने गये. वहीं, एसटी से देवी सोरेन(जेएचपी) ने चुनाव जीता. यहां जानने की बात यह है कि 1957 के चुनाव में ही राजमहल एसटी सीट घोषित हो गया. जबकि दुमका में एक जेनरल और एक एसटी के सांसद की सीट बनी. राजमहल सीट से पहली बार कांग्रेस के पाइका मुर्मू सांसद बने थे.  
 
दुमका में जेएचपी से पहली बार चुने गये थे सुरेश चंद्र
 
1957 के चुनाव में दुमका पहली बार संसदीय सीट बना. दुमका के पहले चुनाव में जेएचपी से सुरेशचंद्र चौधरी कांग्रेस के भागवत झा आजाद को 52,116 वोटों से हरा कर सांसद बने. वहीं, एसटी सांसद के रूप में जेएचपी की देवी सोरेन ने कांग्रेस के लाल हेंब्रम को 45,715 वोटों से हराया था. जबकि राजमहल एसटी सीट से पहली बार कांग्रेस के पाइका मुर्मू ने जेएचपी के रॉबर्ट सेम्यूअल बेसरा को 2447 वोट से हराकर सांसद बने थे.
 
1962 से गोड्डा संसदीय सीट आया अस्तित्व में
 
गोड्डा संसदीय सीट 1962 से अस्तित्व में आया. गोड्डा के पहले सांसद प्रभु दयाल हिम्मतसिंहका (कांग्रेस) चुने गये थे. उन्होंने तब जेपी पार्टी के मोहन सिंह ओबेरॉय को हराया था. गोड्डा संसदीय सीट शुरू से ही जेनरल सीट रहा है. इस चुनाव में कांग्रेस को 78,558 वोट मिले थे, जबकि जेपी पार्टी को 58,973 वोट मिले.
 
पहले आम चुनाव का रिजल्ट
 
पूर्णिया सह संताल परगना(जेनरल)
भागवत झा आजाद-कांग्रेस-1,66,049-जीते
सुधीर हांसदा      - जेएचपी-1,21,248-हारे
पूर्णिया सह संताल परगना(एसटी)
जुझार सोरेन पॉल-जेएचपी-1,47,837-जीते
नारायण सोरेन-कांग्रेस-1,47,531-हारे
पूर्णिया सह संताल परगना-उपचुनाव
एच हेंब्रम-जेके-69,880-जीते
एम डेविड-निर्दलीय-19,002-हारे
संताल परगना सह हजारीबाग संसदीय सीट(जेनरल)
रामराज जजवाड़े-कांग्रेस-1,58,325-जीते
बरियार हेंब्रम-निर्दलीय-1,34,007-हारे
संताल परगना सह हजारीबाग संसदीय सीट(एसटी)
लाल हेंब्रम-कांग्रेस-1,45,155-जीते
सुरेश चंद्र चौधरी-निर्दलयी-88,198-हारे
1957 का चुनाव दुमका संसदीय सीट-जेनरल
सुरेश चंद्र चौधरी-जेएचपी-1,48,888-जीते
भागवत झा आजाद-कांग्रेस-96,772-हारे
 
1957 का आम चुनाव
 
दुमका संसदीय सीट-एसटी
देवी सोरेन-जेएचपी-1,33,244-जीते
लाल हेंब्रम-कांग्रेस-87,529-हारे
राजमहल संसदीय सीट
पाइका मुर्मू-कांग्रेस-55,896-जीते
रॉबर्ट सेम्यूअल बेसरा-जेएचपी-53,449-हारे
 

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