Advertisement

gaya

  • Jun 25 2019 7:08AM
Advertisement

कुछ बदलाव हुआ, अब भी कई जगहों पर सुधार की है जरूरत

कुछ बदलाव  हुआ, अब भी कई जगहों पर सुधार की है जरूरत

 गया  : हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों की संख्या अब मगध मेडिकल में न के बराबर रह गयी है. लगभग सभी  मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है. पिछले दिनों हीट स्ट्रोक से पीड़ित मरीजों  को देखने पहुंचे सीएम, प्रधान सचिव व अन्य अधिकारियों  ने अस्पताल प्रशासन को खराब व्यवस्था को सुधारने का निर्देश दिया था. इसके बाद ही अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था में सुधार के लिए कई तरह के बदलाव किये हैं. 

 
इसमें सबसे पहला बदलाव हुआ कि पहले इमरजेंसी में जाने के लिए कोई रोक नहीं थी. अब यह है, कि गेट पर एक मरीज के साथ एक परिजन को ही साथ जाने के लिए पास निर्गत किया जा रहा है. इतना ही नहीं, इमरजेंसी के आइसीयू में परिजन को अंदर जाते वक्त जूता-चप्पल बाहर खुलवा लिया जा रहा है. लेकिन, यहां तैनात कर्मचारी व सुरक्षा की कमान संभाल रहे लोग जूता चप्पल उतारने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं. 
 
अस्पताल में सफाई व्यवस्था को ठीक करने के लिए रविवार की देर रात तक अधीक्षक बिजय कृष्ण प्रसाद खुद निगरानी कर रहे हैं. अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल की व्यवस्था ठीक रखने के लिए सभी लोगों  को साथ देना होगा. अस्पताल के कर्मचारी सफाई कर जाते हैं, और मरीजों के परिजन गंदगी फैलाने में देर नहीं करते. 
 
यहां है सुधारने की जरूरत : अस्पताल में अब भी देखा जाता है कि कर्मचारी अपने काम के प्रति संवेदनशील नहीं होते हैं. इससे जगह-जगह पर मरीज व उनके परिजनों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है. ट्रॉली ब्वॉय से लेकर यहां डॉक्टर तक मरीज व उनके परिजन के साथ ढंग का व्यवहार नहीं करते. इसके कारण कई बार टकराव या विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है. 
 
समय पर अस्पताल के कर्मचारियों का नहीं आना आम बात है. सोमवार को रिपोर्ट बांटने का समय नौ से 11 बजे तक तय किया गया है. लेकिन, परिजन अपने मरीज की जांच रिपोर्ट लेने के लिए काउंटर पर लाइन में खड़े रहे लेकिन कर्मचारी साढ़े 10 बजे के बाद पहुंचे. इसके कारण कई बार लोगों ने अधीक्षक से शिकायत की.
 
Advertisement

Comments

Advertisement
Advertisement