Coronavirus BF 7 Variant: क्या है कोरोना का BF 7 वेरिएंट? जानिये इसके लक्ष्ण, कितना डरने की है जरूरत

विशेषज्ञों के अनुसार जब वायरस म्यूटेंट होते हैं, तो उसके कई वेरिएंट और सबवेरिएंट तैयार होते हैं. इस क्रम में वायरस खुद को लगातार पहले से मजबूत बनाता है. उसी तरह बीएफ7, ओमिक्रोन के वेरिएंट बीए5 का एक सबवेरिएंट है.

कोरोना वायरस ने चीन पर पलटवार कर दिया है. नये वेरिएंट बीएफ7 से चीन में तबाही मची हुई है. मौत की संख्या में इजाफा हुआ है, तो अस्पताल में संक्रमितों से पैर देने की जगह नहीं बची है. डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी बीमार पड़ने लगे हैं. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें डॉक्टरों को बेहोश होते साफ देखा जा सकता है. चीन में कोरोना के कहर को देखकर पूरी दुनिया डेंशन में है. ओमिक्रोन के नये वेरिएंट बीएफ 7 के तीन मामले सामने आने के बाद भारत में भी दहस्त का माहौल है. डॉक्टरों और विशेषज्ञों के अनुसार कोरोना का नया वेरिएंट काफी घातक है.

क्या है BF 7 Variant

विशेषज्ञों के अनुसार जब वायरस म्यूटेंट होते हैं, तो उसके कई वेरिएंट और सबवेरिएंट तैयार होते हैं. इस क्रम में वायरस खुद को लगातार पहले से मजबूत बनाता है. उसी तरह बीएफ7, ओमिक्रोन के वेरिएंट बीए5 का एक सबवेरिएंट है.

तेजी से फैलता है ओमीक्रोन का नया वेरिएंट बीएफ7

बीएफ7 काफी संक्रामक है. इसकी इनक्यूबेशन अवधि कम है. यह पुन: संक्रमित करने या उन लोगों को भी संक्रमित करने की उच्च क्षमता रखता है, जिनका (कोविड-19) टीकाकरण हो चुका है.

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क्या है BF 7 Variant के लक्ष्ण

कोरोना के अन्य वेरिएंट की ही तरह BF 7 Variant के भी लक्ष्ण हैं. इसमें भी सक्रमितों को बुखार, सांस लेने में दिक्कत, खांसी, गले में खराश, थकान और उल्टी की शिकायत होती है. कमजोर लोगों के लिए BF 7 Variant काफी घातक माना जा रहा है. इसलिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की आपात बैठक के बाद नीति आयोग के सदस्य डॉ वी के पॉल ने भी कहा था कि नये वेरिएंट में वृद्ध और बच्चे और बीमार लोगों पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है.

बचाव के उपाय

नये वेरिएंट से बचाव के लिए कोरोना गाइडलाइन का पालन सख्ती से करना जरूरी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने आपात बैठक में भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनने सहित संक्रमण के प्रसार की रोकथाम से जुड़े व्यवहार करने और टीका लगवाने को कहा. साथ ही लोगों को जल्द से जल्द बूस्टर डोज लगवाने की भी सलाह दी गयी है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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