West Bengal: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलकाता में नौसेना अधिकारियों को संबोधित करते हुए शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय गौरव की भावना बहुत मजबूत है. राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय गौरव की भावना हमें बलिदान के लिए प्रेरित करती है. उन्होंने कहा कि हर देश का अपना स्वाभिमान होता है.
राजनाथ सिंह ने युद्धपोत ‘दूनागिरी’ का जलावतरण किया
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कोलकाता में गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) में प्रोजेक्ट 17A फ्रिगेट ‘दूनागिरी’ के शुभारंभ समारोह में हिस्सा लिया. रक्षा मंत्री ने पीएसयू गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा निर्मित पी17ए युद्धपोत दूनागिरी का यहां हुगली नदी में जलावतरण किया. पी17ए पोत दिशानिर्देशित-मिसाइल युद्धपोत हैं. युद्धपोत के जलावतरण से पहले अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय शिपयार्ड द्वारा पोत का इस तरह से जलावतरण किया जाना देश की आत्मनिर्भरता बढ़ने का प्रतीक है.
हनुमान जी और संजीवनी बूटी से जोड़ा रिश्ता
इसके उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने इसे हनुमान जी और संजीवनी बूटी से जोड़ते हुए कहा कि यह युद्धपोत हमारे लिए बहुत बड़ी संपत्ति साबित होगा. भगवान लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लाने के लिए भगवान हनुमान पूरे द्रोणागिरी पर्वत को उठा लाए थे. द्रोणागिरी या दूनागिरी भी किसी भी स्थिति में अपने काम को अंजाम देने में सक्षम है.
हम श्रीलंका की यथासंभव मदद कर रहे हैं: राजनाथ सिंह
इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अपने सभी पड़ोसी देशों से मैत्री का संबंध चाहता है, जिसके लिए भारत ने हमेशा प्रयास किए हैं. श्रीलंका जिन कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है उससे सब वाकिफ हैं. उन्होंने कहा कि कोविड-19 और यूक्रेनियन संघर्ष के चलते भारत भी प्रभावित रहा है, उसके बाद भी हम श्रीलंका की यथासंभव मदद कर रहे हैं.
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