Visakhapatnam Steel Plant Accident: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के संयंत्र में सोमवार (8 जून) को बड़ा हादसा हो गया है. संयंत्र परिसर में क्रेन के जरिए ले जाए जा रहे पिघले हुए लोहे के श्रमिकों पर गिर जाने से कम से कम आठ मजदूरों की मौत हो गई. हादसे में छह मजदूर झुलस गये हैं. कुछ श्रमिक गंभीर रूप से झुलसे हैं और उनकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है. हादसे के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र के SMS-2 और STC-3 ताप संयंत्र में में हादसा हुआ है.
1600 डिग्री सेल्सियस था लोहे का तापमान
पुलिस के मुताबिक, बाल्टीनुमा कंटेनर में रखे पिघले लोहे को क्रेन से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जा रहा था. इसी दौरान कंटेनर से पिघला हुआ लोहा नीचे काम कर रहे श्रमिकों पर गिर गया. अधिकारियों ने बताया कि लोहे का तापमान करीब 1,600 डिग्री सेल्सियस था, जिससे हादसा बेहद घातक साबित हुआ.
पीएम मोदी ने हादसे पर जताया दुख, मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुए हादसे पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा- विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र में हुई दुर्घटना से व्यथित हूं. अपनों को खोने वालों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं. मोदी ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपये और घायल को 50 रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी.
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जताया दुख
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने हादसे पर गहरा शोक जाहिर किया है. मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उन्होंने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ राहत और सहायता कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद उपलब्ध कराने को कहा गया है.
हादसे की होगी जांच
प्रशासन और संयंत्र प्रबंधन ने घटना की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक तौर पर यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि क्रेन संचालन या सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई चूक तो नहीं हुई थी. पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. मौके पर बचाव दलों को तैनात किया गया और प्रभावित क्षेत्र को खाली कराया गया है.
