Viral Video: ये सांप नहीं छछूंदरों की टोली है, वीडियो देखकर चौंक जाएंगे आप

Viral Video: छछूंदर यह वीडियो हैरान कर देगा. उन्होंने जटिल परिस्थितियों में भी जीने की कला विकसित कर ली है. इनकी दृष्टि बहुत कमजोर होती है, जिसके कारण वे अपने परिवेश को देखने के बजाय अन्य इंद्रियों, जैसे गंध और स्पर्श, पर अधिक निर्भर करते हैं. उनकी यह शारीरिक सीमा उनके व्यवहार को और भी रोचक बनाती है.

Viral Video: छछूंदरों का कारवां प्रकृति का एक अद्भुत नजारा है. छछूंदर एक ऐसा छोटा सा स्तनधारी जीव है जो अपनी अनोखी विशेषताओं और व्यवहार के लिए जाना जाता है. यह छोटा सा प्राणी चूहे से काफी मिलता-जुलता दिखता है. इनकी आंखें काफी कमजोर होती हैं. लेकिन, अपनी कमजोर दृष्टि के बावजूद प्रकृति में जीवित रहने के लिए इसने अनोखे तरीके अपना लिया है. इनमें से एक सबसे रोमांचक व्यवहार है छछूंदरों का कारवां, जिसमें मां छछूंदर अपने बच्चों को एक कतार में लेकर चलती है. यह दृश्य न केवल आश्चर्यजनक है, बल्कि यह प्रकृति की जटिल परिस्थितियों में जीवन जीने की कला विकसित करने का एक उदाहरण है. वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर @AMAZlNGNATURE के आईडी से शेयर किया है. वीडियो को लाखों लोगों ने देखा है. कई लोगों ने लाइक और शेयर भी किया है.

जटिल परिस्थितियों में जीने की कला जानते हैं छछूंदर

छछूंदरों ने जटिल परिस्थितियों में भी जीने की कला विकसित कर ली है. इनकी दृष्टि बहुत कमजोर होती है, जिसके कारण वे अपने परिवेश को देखने के बजाय अन्य इंद्रियों, जैसे गंध और स्पर्श, पर अधिक निर्भर करते हैं. उनकी यह शारीरिक सीमा उनके व्यवहार को और भी रोचक बनाती है. जब एक मां छछूंदर अपने बच्चों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना चाहती है, तो वह एक अनोखी रणनीति अपनाती है. मां सबसे आगे चलती है, और उसका प्रत्येक बच्चा अपने आगे वाले छछूंदर की पूंछ या शरीर को अपने मुंह से पकड़ लेता है. इस तरह, एक लंबी कतार या कारवां बन जाता है, जिसमें सभी बच्चे एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं. यह कारवां न केवल मां को अपने बच्चों को सुरक्षित रखने में मदद करता है, बल्कि कमजोर दृष्टि वाले इन छोटे जीवों को खोने से भी बचाता है.

दूर से किसी छोटे सांप की तरह नजर आता है कारवां

छछूंदरों के कारवां बनाने की प्रक्रिया आमतौर पर तब शुरू होती है, जब बच्चे कुछ हफ्तों के हो जाते हैं और मां के साथ अपने बिल से बाहर निकलने के लिए तैयार होते हैं. इस दौरान मां अपने बच्चों को भोजन की तलाश या सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए इस तकनीक का उपयोग करती है. कारवां में बच्चे इतनी मजबूती से एक-दूसरे को पकड़ते हैं कि पूरी कतार एक जीव की तरह गतिमान दिखती है. यह नजारा प्रकृति के अद्भुत सामंजस्य और जीवों के सहज बुद्धिमानी का एक शानदार नमूना पेश करता है.

वायरल हो रहा वीडियो

छछूंदरों का यह कारवां न केवल उनकी कमजोर दृष्टि की भरपाई करता है. साथ ही उनके सामाजिक व्यवहार को भी दर्शाता है. यह प्रक्रिया मां और बच्चों के बीच गहरे विश्वास और निर्भरता का भी प्रमाण है.  इसके अलावा यह शिकारियों से बचने में भी मदद करता है, क्योंकि एकजुट कतार में चलने से बच्चे आसानी से बिखरते नहीं हैं. इंटरनेट पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो को साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों ने देखा है. करीब 8 हजार लोगों ने वीडियो को लाइक किया है. कई यूजर्स ने कमेंट भी किया है. एक यूजर ने लिखा ‘जब मैंने यह वीडियो देखा तो मुझे तुरंत किंग रैट का ख्याल आया.’ एक और यूजर ने कटाक्ष करते हुए लिखा ‘अंधा अंधे को राह दिखा रहा है.’ सोशल मीडिया पर कई और लोगों ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. 

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Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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