Viral Video Fact Check : नदी में तैरता दिखा 50 फुट का सांप, वीडियो देख थम सकती हैं सांसें

Viral Video Fact Check : वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीन अनाकोंडा (Green Anaconda) दुनिया का सबसे लंबा और बड़ा सांप होता है. यह दक्षिण अमेरिका की नदियों और दलदली क्षेत्रों में पाया जाता है.

Viral Video Fact Check : क्या आपने 50 फुट का सांप देखा है? अगर नहीं तो इस वायरल वीडियो को जरूर देखें और जानिए क्या इस तरह का कोई जीव इस धरती पर मौजूद है अथवा नहीं. सोशल मीडिया में वायरल हो रहे, इस वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि एक सांप जो 50 फुट का है और अगर वह जीवित है, तो उसके जीवित रहने से इंसान को फायदा होगा या नुकसान?

वैज्ञानिक प्रमाणों में कोई 50 फुट का सांप इस धरती पर मौजूद नहीं

वैज्ञानिक प्रमाणों में अबतक किसी 50 फुट के पाए जाने की सूचना नहीं है. विश्व का सबसे लंबा सांप ग्रीन एनाकोंडा (Green Anaconda) है, जिसकी लंबाई आमतौर पर 20–25 फुट तक होती है. अभी तक कोई ऐसा सांप वैज्ञानिकों को नहीं मिला है, जो 50 फुट लंबा हो और जीवित हो. हालांकि इस वीडियो को इस तरह बनाया गया है कि पहली नजर में देखने पर यह वीडियो बिलकुल सच जान पड़ता है. लेकिन सच्चाई यह है कि वीडियो शेयर करने वाला एकांउट, जंगली जानवरों के बारे में पुष्ट जानकारी देने वाला सोशल मीडिया एकाउंट नहीं है. साथ ही वीडियो में जो दिख रहा है, वह बहुत स्मूथ और है और उसका मूवमेंट भी ऐसा है, जो असली जीवों के नेचर से मेल नहीं खाता. इससे यह प्रतीत होता है कि यह वीडियो AI के सहयोग से बनाया गया है.

ग्रीन अनाकोंडा दुनिया का सबसे लंबा सांप

वैज्ञानिकों के अनुसार ग्रीन अनाकोंडा (Green Anaconda) दुनिया का सबसे लंबा और बड़ा सांप होता है. यह दक्षिण अमेरिका की नदियों और दलदली क्षेत्रों में (अमेजन बेसिन, ओरिनोको नदी, गयाना, ब्राजील, पेरू, कोलंबिया, वेनेज़ुएला आदि) पाया जाता है. आमतौर पर इसकी लंबाई 15–20 फुट (4.5–6 मीटर) तक होती है. सबसे बड़ा दर्ज रिकॉर्ड: करीब 29 फुट (8.8 मीटर) का है. इसका वजन 200 से 250 किलो तक होता है. इसकी बॉडी भारी होने के कारण जमीन पर धीमा चलता है, लेकिन पानी में बेहद तेज और फुर्तीला होता है. वायरल वीडियो में सांप बहुत शांति से तैरता दिख रहा है, जो उसकी प्रकृति के विपरीत है. वीडियो में सांप को नदी के हिसाब से रखा गया है, जो इसके असली नहीं होने का एक प्रमाण है. हालांकि अनाकोंडा सांप इंसान से दूर रहता है है और इसे इंसानों पर हमला करने में रुचि नहीं है, इसलिए इसे मानव समाज के लिए श्राप तो नहीं माना जा सकता है.

दुनिया के सबसे लंबे सांप

सांपअधिकतम लंबाईअधिकतम वजनक्षेत्र
रेटिक्युलेटेड पाइथन33 फुट (10 मीटर)160 किलोदक्षिण-पूर्व एशिया
ग्रीन एनाकोंडा29 फुट (8.8 मीटर)250 किलोदक्षिण अमेरिका
बर्मीज़ पाइथन23 फुट (7 मीटर)140 किलोदक्षिण-पूर्व एशिया, अमेरिका (फ्लोरिडा)
अफ्रीकन रॉक पाइथन20 फुट (6 मीटर)110 किलोअफ्रीका
अमेटिस्टाइन पाइथन20 फुट (6 मीटर)90 किलोऑस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी

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लेखक के बारे में

Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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