राम मंदिर चंदा विवाद : VHP अध्यक्ष की मांग- केजरीवाल और प्रियंका गांधी के बयान हों दर्ज

VHP President Alok Kumar : राम मंदिर चंदा विवाद में विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार ने अयोध्या ने डीएसपी को एक ऐसा पत्र लिखा है, जिससे नया विवाद खड़ा हो गया है. हालांकि आलोक कुमार का कहना है कि मैंने जो आग्रह किया है, उससे जांच में बहुत मदद मिल जाएगी.

VHP President Alok Kumar : विश्व हिंदू परिषद(VHP) के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और वरिष्ठ एडवोकेट आलोक कुमार ने अयोध्या के डीएसपी आशुतोष तिवारी को एक चिट्ठी लिखी है. इस लेटर में उन्होंने डीएसपी से आग्रह किया है कि वे राम मंदिर चंदा विवाद में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल, समाजवादी पार्टी के नेता राम गोपाल यादव, संजय सिंह और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं के बयान दर्ज करें.

आलोक कुमार ने डीएसपी से कहा-इनसे डॉक्यूमेंट्स मांगें

राम मंदिर चंदा में कथित हेराफेरी मामले पर अरविंद केजरीवाल, रामगोपाल यादव और प्रियंका गांधी के बयानों को रिकाॅर्ड करने का आग्रह आलोक कुमार ने किया है. उन्होंने पत्र में डीएसपी से आग्रह किया है कि वे इन नेताओं के बयान रिकॉर्ड करें. साथ ही उनके आरोपों के लिए असल आधार, सोर्स और सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स मांगें.

जांच में मिलेगी सहायता :आलोक कुमार

वीएचपी के अध्यक्ष आलोक कुमार ने न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा कि मैंने यह पत्र इसलिए लिखा है क्योंकि इससे जांच में मदद मिल जाएगी. आलोक कुमार ने कहा कि राम गोपाल यादव ने कहा कि 20,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का स्कैम है. प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हजारों करोड़ रुपये डोनेशन में आते हैं, लेकिन जहां तक ​​हमें पता है, ऐसा नहीं है. इतने पैसे यहां कभी आए ही नहीं है. ये बड़े लोग हैं, पढ़े-लिखे लोग हैं, जो लंबे समय से ऊंचे पदों पर हैं, इसलिए वे किसी न किसी बेसिस पर ऐसा कह रहे होंगे.मुझे लगा कि अगर पुलिस उनसे इन बयानों के बारे में जो सबूत, जानकारी या गवाह हैं, उन्हें देने के लिए कहे, तो उसे शामिल किया जा सकता है और जांच पूरी की जा सकती है, इसलिए मैंने डीएसपी से ऐसा कहा है.

नृपेंद्र मिश्रा की टिप्पणी पर मुझे कुछ नहीं कहना है

राम मंदिर चंदे में कथित गड़बड़ी के मामले पर आलोक कुमार ने कहा कि हमने हर एक आरोप की पूरी जांच मांग की है. कोई इसे चोरी कहे, लूटपाट कहे या डकैती कहे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. सिर्फ जांच से ही पता चलेगा कि असल में क्या हुआ था, इसलिए मुझे नृपेंद्र मिश्रा की बातों पर कमेंट करने की कोई जरूरत नहीं दिखती.

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में क्या होगा?

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक 6 जुलाई को अयोध्या में होनी है. इस बैठक का एजेंडा क्या होगा और बैठक में चंपत राय उपस्थित होंगे या नहीं, इसपर आलोक कुमार ने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं पता है. आपको किसी ट्रस्टी से बात करनी होगी. विश्व हिंदू परिषद की सेंट्रल कमिटी की मीटिंग की जगह अयोध्या से दिल्ली शिफ्ट होने पर उन्होंने कहा कि इस बात पर सवाल क्यों होना चाहिए कि हम मीटिंग यहां करें या वहां? सच तो यह है कि जून में वहां मीटिंग प्लान की गई थी, लेकिन लोकल डेवलपमेंट की वजह से लॉजिस्टिक दिक्कतें आईं, जिससे मीटिंग पोस्टपोन हो गई. अब जब हम इसे दिल्ली में कर रहे हैं, तो मुझे नहीं लगता कि किसी को विश्व हिंदू परिषद से यह सवाल करने या सलाह देने का हक है कि हम मीटिंग अयोध्या में क्यों नहीं कर रहे हैं. हम इसे वहीं कर रहे हैं जहां हमें सुविधा है.

ये भी पढ़ें : राम मंदिर चंदा मामले में RSS की पहली प्रतिक्रिया, होसबाले ने कहा-हिंदू समाज धैर्य बनाए रखे

राम मंदिर चंदा विवाद पर मोहन भागवत की पहली प्रतिक्रिया-राम-राम

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >