उत्तराखंड में बारिश का कहर, सहायक तार टूटने के बाद राम झूला पुल पर दोपहिया वाहनों पर लगा बैन, देखें वीडियो

उत्तराखंड में विभिन्न जगहों पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर हरिद्वार और ऋषिकेश, दोनों जगहों पर खतरे के निशान को पार कर गया था. राम झूला पुल पर दोपहिया वाहनों पर बैन लगा दिया गया है.

ऋषिकेश के निकट स्थित रामझूला पुल को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है. जानकारी के अनुसार पर गुरुवार को दोपहिया वाहनों का आवागमन अस्थाई तौर पर बंद कर दिया गया. बताया जा रहा है कि पुल के अबटमेंट (आधार) से आगे उफनाई गंगा नदी के बहाव के कारण हुए भू-कटाव की वजह से प्रशासन ने जनसुरक्षा में यह कदम उठाया. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार सहायक तार टूटने के बाद राम झूला पुल पर दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है.

सुरक्षा कारणो के मद्देनजर लिया गया निर्णय

मुनि की रेती पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने मामले को लेकर बताया कि सुबह पहले पुल को सभी के आवागमन के लिए बंद किया गया था, लेकिन बाद में लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किये जाने के बाद इसे केवल दोपहिया वाहनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया. उन्होंने कहा कि पुल पर दुपहिया वाहनों के गुजरने की अनुमति देना जोखिम भरा हो सकता था, इसलिए सुरक्षा कारणो के मद्देनजर यह निर्णय लिया गया.


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आपको बता दें कि उत्तराखंड में विभिन्न जगहों पर हुई मूसलाधार बारिश के कारण गंगा नदी का जलस्तर हरिद्वार और ऋषिकेश, दोनों जगहों पर खतरे के निशान को पार कर गया था. उन्होंने कहा कि गंगा के बढ़े जलस्तर से नदी के किनारों पर पुल के नीचे उसके आधार के आगे भूकटाव हो रहा है. लोक निर्माण विभाग के नरेंद्र नगर के अधिशासी अभियंता आशुतोष आर्या ने बताया कि 1985 में बने रामझूला पुल की लंबाई 220 मीटर व चौड़ाई दो मीटर है. यह गंगा नदी पर ब्रिटिश युग में बने लक्ष्मणझूला पुल के समानांतर स्थित है. यह केवल पैदल यात्रियों के लिए बनाया गया है, लेकिन इस पर दोपहिया वाहन भी चलते हैं.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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